


ग्रामीण चिकित्सक के माध्यम से जांच के लिए पहुंची थी महिला, दोनों संचालक अपने केंद्र पर ले जाने को लेकर भिड़े
नारायणपुर। मधुरापुर में सोमवार को एक महिला मरीज की अल्ट्रासाउंड जांच को लेकर दो अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों के बीच विवाद होने का मामला सामने आया है। दोनों संचालक महिला को अपने-अपने जांच केंद्र पर ले जाकर उसकी जांच कराने की बात कह रहे थे। देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और मामला विवाद तक पहुंच गया। आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया।

जानकारी के अनुसार, एक महिला मरीज किसी ग्रामीण चिकित्सक के माध्यम से अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए मधुरापुर पहुंची थी। महिला एक निजी क्लीनिक के सामने पहुंची, जहां दो अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र संचालक मौजूद थे। दोनों संचालक महिला को अपने-अपने जांच केंद्र पर ले जाकर जांच कराने की बात कहने लगे।
दोनों संचालकों का दावा था कि महिला को संबंधित ग्रामीण चिकित्सक ने उनके जांच केंद्र पर भेजा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। दोनों संचालकों की ओर से यह कहा जा रहा था कि महिला की जांच का शुल्क लेकर उसकी जांच कराने की जिम्मेदारी पहले उनकी बनती है।

मामला बढ़ता देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। घटना के कारण कुछ देर तक वहां अफरातफरी की स्थिति बनी रही।
मामले की जांच कराई जाएगी
घटना की जानकारी मिलने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. विनोद कुमार ने मामले की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यह भी जांच की जाएगी कि संबंधित अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र वैध रूप से संचालित हो रहे हैं या नहीं।
सीएचसी प्रभारी ने बताया कि पूर्व में की गई जांच के दौरान क्षेत्र में कुछ अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र और निजी क्लीनिकों के अवैध रूप से संचालित होने की बात सामने आई थी। ऐसे में इस मामले की भी जांच कराई जाएगी और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद में शामिल दोनों अल्ट्रासाउंड केंद्र नियमानुसार संचालित हो रहे हैं या नहीं। फिलहाल महिला मरीज की जांच को लेकर दो संचालकों के बीच हुए विवाद ने क्षेत्र में स्वास्थ्य जांच केंद्रों के संचालन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
















