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अस्पताल परिसर में नारेबाजी, सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका

भागलपुर। भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों ने अचानक हड़ताल शुरू कर दी। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सुरक्षा गार्डों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते हुए काम बंद कर दिया, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ने लगा।


सुबह से ही अस्पताल परिसर में सुरक्षा कर्मियों की भीड़ जुटने लगी थी। देखते ही देखते सभी गार्ड एकजुट होकर धरने पर बैठ गए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन कर रहे सुरक्षा कर्मियों का कहना था कि वे लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।

हड़ताल पर बैठे गार्डों ने आरोप लगाया कि मौजूदा वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है। बढ़ती महंगाई के बीच उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, बावजूद इसके प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई बार संबंधित अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।


सुरक्षा कर्मियों ने साफ चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। उनका कहना था कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में दिन-रात ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।


हड़ताल के कारण अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती नजर आई। अस्पताल में मरीजों, उनके परिजनों और आम लोगों की भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में सुरक्षा कर्मियों के काम बंद करने से प्रशासनिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। कई मरीजों और उनके परिजनों ने भी अचानक हुई हड़ताल को लेकर चिंता व्यक्त की।


प्रदर्शन के दौरान अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हालांकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है, लेकिन हड़ताल के कारण अस्पताल प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है।
वहीं खबर लिखे जाने तक अस्पताल प्रशासन या संबंधित विभाग का कोई वरिष्ठ अधिकारी प्रदर्शनकारी सुरक्षा कर्मियों से वार्ता करने नहीं पहुंचा था। इससे गार्डों में नाराजगी और बढ़ गई।

प्रदर्शनकारी लगातार प्रशासन से वार्ता कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।
अब सभी की नजर अस्पताल प्रशासन और संबंधित एजेंसी पर टिकी हुई है कि वे इस मामले का समाधान किस प्रकार निकालते हैं, ताकि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था फिर से सामान्य हो सके और मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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