


पाइपलाइन रिसाव से गांव की सड़कें बनीं दलदल, ग्रामीणों में आक्रोश
नवगछिया : गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नवगछिया प्रखंड के जमुनिया पंचायत स्थित जमुनियां गांव के वार्ड संख्या-5 और 6 में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत संचालित नल-जल योजना ग्रामीणों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बनती जा रही है। योजना शुरू हुए अभी महज एक से दो माह ही बीते हैं, लेकिन कथित अनियमितताओं और घटिया कार्यशैली के कारण गांव की सड़कें कीचड़ और जलजमाव में तब्दील हो गई हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण कई स्थानों पर पानी का लगातार रिसाव हो रहा है। रिसाव के कारण गांव की कच्ची सड़कें दलदल बन चुकी हैं और लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। रोजमर्रा के कामकाज के लिए लोगों को इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। कई जगहों पर सड़क पर इतना पानी जमा हो गया है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि योजना से संबंधित संवेदक रंजन यादव एवं दिलीप यादव के साथ-साथ पीएचईडी विभाग के अधिकारियों को कई बार फोन कर शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय उदासीनता और संवेदकों की लापरवाही का खामियाजा पूरे पंचायत के लोग भुगत रहे हैं।
ग्रामीण रजनीकांत सिंह ने कहा कि गांव की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। सड़क पर फैले पानी और कीचड़ के कारण लोगों का निकलना दूभर हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना का कार्य बिना निगरानी और गुणवत्ता जांच के कराया गया, जिसका परिणाम अब ग्रामीण भुगत रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मामले को लेकर जिला प्रशासन भागलपुर, नवगछिया अनुमंडल पदाधिकारी तथा गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के जदयू विधायक सह बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रिसाव वाले पाइपों की तत्काल मरम्मत कर सड़क की स्थिति सुधारी जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।














