


विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के कारण नाव से पहुंचे बाराती
नवगछिया : विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद शादी-विवाह के मौसम में लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। सड़क संपर्क बाधित होने के कारण अब लोगों को नाव के सहारे गंगा पार करनी पड़ रही है। इसी बीच बुधवार को नवगछिया से निकली एक अनोखी बारात लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही।

दूल्हे की गाड़ी पूरी तरह सजाई गई थी, लेकिन पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण बारात को महादेवपुर घाट पर ही वाहन रोकना पड़ा। इसके बाद दूल्हा और बाराती नाव पर सवार होकर शादी के लिए रवाना हुए।
जानकारी के अनुसार तेतरी गांव निवासी नीतीश कुमार, पिता भगीरथ मंडल, नाव से घोघा निवासी पगो मंडल की पुत्री सविता कुमारी से विवाह करने पहुंचे। वहीं नवगछिया के बोरवा निवासी दिनेश मंडल के पुत्र रमन कुमार भी नाव पर सवार होकर बाबूपुर निवासी कपिलदेव मंडल की पुत्री रीमा कुमारी से विवाह करने रवाना हुए।
दूल्हा रमन कुमार ने बताया कि पुल टूटने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन नाव से निकली यह बारात जिंदगी भर यादगार बनी रहेगी।
दियारा क्षेत्र की परंपराओं और देसी अंदाज में निकली इस बारात ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दूल्हा अपने दोस्तों और बारातियों के साथ नाव पर सवार हुआ। इस दौरान दूल्हे की कमर में बंधी तलवार और पारंपरिक वेशभूषा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।

बारातियों ने नाव पर ही लोकगीतों और संगीत के साथ जमकर आनंद उठाया। “नाव पर होके सवार चलेला दूल्हा यार, कमरिया में बंधे तलवार…” जैसे गीतों से पूरा घाट गूंजता रहा।
नाव पर सजी बारात को देखने के लिए घाटों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए देर तक घाट पर मौजूद रहे। नाविकों की सहायता से सभी बारातियों को सुरक्षित गंगा पार कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि आधुनिकता के दौर में भी दियारा क्षेत्र की यह परंपरा आज लोगों को अपनी मिट्टी, संस्कृति और लोक जीवन से जोड़कर रखे हुए है।
















