


ई-फार्मेसी के खिलाफ केमिस्ट एसोसिएशन का प्रदर्शन, 350 मेडिकल दुकानों में लटका ताला
नवगछिया। ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के विरोध में मंगलवार को नवगछिया अनुमंडल की करीब 350 दवा दुकानें बंद रहीं। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर नवगछिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने एक दिवसीय बंद का समर्थन करते हुए मेडिकल दुकानों को बंद रखा।

दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ विरोध जताते हुए सरकार से सख्त नियामक व्यवस्था लागू करने की मांग की। बंद के कारण दिनभर अधिकांश मेडिकल दुकानें बंद रहीं, हालांकि आपातकालीन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक मुख्य दुकान तथा मुख्यालय क्षेत्र की चार दुकानों को सेवा के लिए खुला रखा गया।
एसोसिएशन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आंदोलन के समर्थन में पिछले 15 दिनों से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान दवा दुकानदारों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और आम लोगों को ऑनलाइन दवा बिक्री के संभावित खतरों से अवगत कराया।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना चिकित्सकीय पर्ची के दवाओं की बिक्री, नकली दवाओं का खतरा और भारी छूट की प्रतिस्पर्धा छोटे दवा व्यवसायियों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। उनका कहना है कि वर्तमान कानून के तहत दवा बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त परिसर से ही की जा सकती है, जबकि इंटरनेट के माध्यम से हो रही बिक्री पर स्पष्ट नियंत्रण नहीं है।
दवा विक्रेताओं का कहना है कि यह आंदोलन केवल व्यापारिक हितों के लिए नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और दवा वितरण व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है।

केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए सख्त नियम लागू करने तथा बिना लाइसेंस दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।
















