
@ भागलपुर में चालक के अभाव में फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स का संचालन प्रभावित, जांच अभियान पर पड़ रहा असर।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग कार्रवाई कर रहा है। अगस्त से अब तक करीब आधा दर्जन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान पनीर में मिलावट की आशंका सामने आई है। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजहंस कुमार के अनुसार, कुछ दुकानदार पनीर को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए फॉर्मलिन समेत अन्य रसायनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इसकी पुष्टि प्रयोगशाला जांच से ही होगी।
करीब छह साल पहले उपलब्ध कराया गया फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स वाहन चालक के सेवानिवृत्त होने से प्रभावित है। मुख्यालय के निर्देश पर इस वाहन से सप्ताह में दो दिन खाद्य पदार्थों की जांच की जानी है। राजहंस कुमार ने बताया कि संविदा पर चालक की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। नए चालक की नियुक्ति तक उपलब्ध संसाधनों से काम चलाने का प्रयास किया जाएगा।

खाद्य निरीक्षक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि वाहन में मिठाइयों की गुणवत्ता, फफूंद और असामान्य गंध जैसी चीजों की सामान्य जांच होती है। रासायनिक जांच के लिए नमूने पटना भेजे जाते हैं। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित दुकानदारों पर कार्रवाई की जाती है।
खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि होने पर जुर्माना लगाने, लाइसेंस निलंबित या रद्द करने और गंभीर मामलों में न्यायालय की प्रक्रिया अपनाने का प्रावधान है। विभाग मिठाइयों में अनधिकृत रंगों के इस्तेमाल की आशंका पर भी नमूने ले रहा है। फॉर्मलिन जैसे रसायनों का खाद्य पदार्थों में अवैध इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
















