
जगन्नाथ रथयात्रा और गुलाबबाग गणेश महोत्सव को मिलेगी नई पहचान! विजय खेमका ने कला एवं संस्कृति मंत्री से की मुलाकात
पूर्णिया। पूर्णिया की ऐतिहासिक धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सदर विधायक विजय खेमका ने पहल की है। उन्होंने बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी से मुलाकात कर पूर्णिया सिटी की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा और गुलाबबाग के गणेश पूजा महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा देने तथा विभागीय कैलेंडर में शामिल करने का आग्रह किया।

27 अक्टूबर को पटना प्रवास के दौरान हुई मुलाकात में विधायक ने दोनों आयोजनों के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी मंत्री को दी। उन्होंने कहा कि ये महोत्सव पूर्णिया की पहचान, जनआस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के प्रतीक हैं।
छह सौ वर्ष पुरानी धरोहर से जुड़ी है जगन्नाथ रथयात्रा
विधायक ने बताया कि पूर्णिया सिटी स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है। मंदिर में उपलब्ध शिलालेख लगभग छह सौ वर्ष पुराने बताए जाते हैं। यहां प्रतिवर्ष भव्य रथयात्रा निकाली जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस अवसर पर मंदिर परिसर में तीन दिवसीय मेले का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
1998 से जारी है गुलाबबाग गणेश महोत्सव
गुलाबबाग के गणेश पूजा महोत्सव का उल्लेख करते हुए विधायक ने बताया कि वर्ष 1998 से गणेश चतुर्थी के अवसर पर यहां लगातार 14 दिनों तक महोत्सव मनाया जाता है। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस ने वर्ष 1998 में इसकी शुरुआत की थी।
पिछले 28 वर्षों से आयोजित हो रहे इस महोत्सव में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय कलाकार नृत्य, कला, क्षेत्रीय नाटक और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते हैं। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलता है और क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहन मिलता है।
राजकीय दर्जा मिलने से बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन

विधायक विजय खेमका ने कहा कि दोनों आयोजनों को राजकीय महोत्सव का दर्जा मिलने से इनकी पहचान राज्य स्तर पर मजबूत होगी। इससे धार्मिक पर्यटन, स्थानीय कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने आग्रह किया कि दोनों महोत्सवों को कला एवं संस्कृति विभाग के कैलेंडर में स्थान दिया जाए, ताकि इनके ऐतिहासिक महत्व को व्यापक पहचान मिल सके।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रस्ताव पर विचार का आश्वासन
विधायक जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने दोनों आयोजनों के महत्व को ध्यानपूर्वक सुना और वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रस्ताव पर विचार करते हुए इन्हें विभागीय कैलेंडर में शामिल करने की दिशा में आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।
विधायक ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार के सहयोग से पूर्णिया की इन गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं को नई पहचान मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए इस विरासत को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी।















