
@ स्टेशनों, कार्यालयों, वर्कशॉप और रेलवे कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था की होगी जांच, टंकियों की सफाई के साथ पानी के नमूनों की भी होगी जांच
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। यात्रियों, रेलकर्मियों और उनके परिवारों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूर्व रेलवे (Eastern Railway) ने अपने क्षेत्राधिकार में एक सप्ताह का विशेष जल गुणवत्ता जांच अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों, कार्यालयों, वर्कशॉप और रेलवे कॉलोनियों में पानी की टंकियों की सफाई के साथ पेयजल की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है।
अभियान के दौरान विभिन्न मंडलों में बड़ी संख्या में पानी की टंकियों की सफाई की गई। जानकारी के अनुसार मालदा मंडल में 1,153, आसनसोल मंडल में 2,465, हावड़ा मंडल में 2,187 और सियालदह मंडल में 1,553 टंकियों की सफाई की गई है।

पानी के नमूनों की भी हो रही जांच:
अभियान को केवल टंकियों की सफाई तक सीमित नहीं रखा गया है। रेलवे के विभिन्न पेयजल आपूर्ति केंद्रों से पानी के नमूने लेकर उनकी व्यवस्थित जांच भी की जा रही है। जांच के दौरान पानी के पीएच स्तर सहित अन्य गुणवत्ता मानकों की निगरानी की जा रही है।रेलवे अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सफाई से पहले और सफाई के बाद पानी के नमूनों की जांच लगातार करने का निर्देश दिया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रेलवे परिसर में यात्रियों और कर्मचारियों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पेयजल उपलब्ध हो।
जलजनित बीमारियों की रोकथाम पर जोर:
पूर्व रेलवे का यह विशेष अभियान पानी के भंडारण और आपूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे के नियमित रखरखाव पर केंद्रित है। रेलवे का उद्देश्य दूषित पानी से होने वाली जलजनित बीमारियों की रोकथाम के साथ यात्रियों, रेलकर्मियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों के अनुसार, पानी की टंकियों की नियमित सफाई और पानी की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी से पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। अभियान के माध्यम से रेलवे परिसरों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
















