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माताओं के त्याग, समर्पण और स्नेह को किया गया नमन

भागलपुर  : सबौर कॉलेज, सबौर में मातृ दिवस की पूर्व संध्या पर एक भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान माताओं के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और प्रेम व्यक्त करते हुए उनके त्याग, समर्पण और निःस्वार्थ स्नेह को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को माताओं के महत्व से अवगत कराना तथा उनके प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की भावना विकसित करना था।


इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्या डॉ. नाज़ परवीन ने महाविद्यालय की महिला शिक्षिकाओं एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में डॉ. रंजना कुमारी, डॉ. बी. नूरजहाँ, डॉ. मोहिनी कुमारी, डॉ. कुमारी मधुलता, डॉ. दिव्य ज्योति, डॉ. शशिमाला, डॉ. ज्योत्स्ना तिवारी, लिपिक सुगंधा झा एवं निशात सम्स शामिल थीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. नाज़ परवीन ने कहा कि “माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि प्रेम, त्याग, करुणा और प्रेरणा का सजीव स्वरूप हैं। माँ ही बच्चे की प्रथम गुरु होती हैं और उनके संस्कारों से ही समाज का निर्माण होता है।”

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने माताओं के सम्मान में कविता पाठ, विचार अभिव्यक्ति एवं भावपूर्ण संदेश प्रस्तुत किए। कई शिक्षकों ने अपनी माताओं के संघर्ष, त्याग और प्रेरणा से जुड़े व्यक्तिगत अनुभव साझा किए, जिससे कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत भावुक एवं प्रेरणादायक बन गया।

अंत में सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने अपनी माताओं का सदैव सम्मान करने, उनकी सेवा करने तथा उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया।


इस अवसर पर डॉ. शहाबुद्दीन, डॉ. मनिलाल पासवान, डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. मेघा सिंह, डॉ. राजीव पोद्दार, डॉ. अखिलेश कुमार मंडल, डॉ. सरोज कुमार, प्रधान सहायक राकेश ठाकुर एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी देबनाथ चौधरी, रमाकांत मिश्रा, अविनाश ठाकुर और अमरनाथ राय ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

वहीं डॉ. मयंक वत्स ने महाविद्यालय की सभी कार्यरत शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मियों को मातृत्व और पारिवारिक दायित्वों के सफल निर्वहन के लिए धन्यवाद एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसी माताएं अपने समर्पण, अनुशासन और कर्मनिष्ठा से न केवल अपने बच्चों का भविष्य संवारती हैं, बल्कि महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को भी सशक्त बनाती हैं।

पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. नाज़ परवीन ने की, जबकि संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मयंक वत्स ने किया। उन्होंने प्रभारी प्राचार्या के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में सबौर कॉलेज लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जो विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता और सांस्कृतिक चेतना का विकास करते हैं।

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