


भागलपुर। जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत ममलखा पंचायत क्षेत्र में गंगा नदी के लगातार हो रहे कटाव से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। इस समस्या को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने प्रेस वार्ता आयोजित कर अपनी पीड़ा जाहिर की और सरकार व प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि गंगा कटाव की समस्या वर्षों से उनके जीवन और आजीविका पर भारी पड़ रही है। नदी के बढ़ते कटाव के कारण खेती योग्य जमीन, घर, सड़कें और अन्य सार्वजनिक संपत्तियां धीरे-धीरे गंगा में समाती जा रही हैं। इससे कई परिवार बेघर हो चुके हैं और उन्हें पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रेस वार्ता में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हर वर्ष बरसात के मौसम में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव और तेज हो जाता है, जिससे स्थिति भयावह हो जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि जहां कभी हरी-भरी खेती होती थी, वहां अब सिर्फ पानी नजर आता है। इससे किसानों की आय पर गंभीर असर पड़ा है, वहीं बेरोजगारी और गरीबी भी बढ़ रही है। बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ के समय अस्थायी उपाय जैसे बालू की बोरियां डालना या तटबंध की मरम्मत करना कुछ समय के लिए राहत देता है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि गंगा कटाव रोकने के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजना बनाई जाए, ताकि उनके गांव, जमीन और भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके।
















