


नवगछिया। पुलिस जिला नवगछिया के कोसी पार कदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरपुर कदवा में हुए सेप्टिक टैंक हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां एक पल में छीन लीं। बम-बम मंडल, जयनंदन मंडल और श्रीलाल मंडल की दर्दनाक मौत के बाद उनके घरों में अब सन्नाटा और चीख-पुकार गूंज रही है।
हादसे के बाद सबसे मार्मिक दृश्य उन मासूम बच्चों का है, जो बार-बार अपने पिता को पुकार रहे हैं—“बाबू कखनी आयतो गे माय…?” लेकिन इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। बम-बम मंडल के बच्चे आशीष, कोमल और धर्मेंद्र अब भी अपने पिता के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जयनंदन मंडल के बच्चे कुणाल, प्रिया और पीयूष घर के दरवाजे पर टकटकी लगाए बैठे हैं। श्रीलाल मंडल के बच्चों की हालत भी गहरे सदमे में है।
ग्रामीणों के अनुसार, तीनों मजदूर मेहनतकश थे और रोजाना मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। घटना वाले दिन भी वे रोज की तरह काम पर निकले थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह उनका आखिरी दिन साबित होगा।
हादसे के बाद पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। हर गली में रोने-बिलखने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। महिलाएं दहाड़ मारकर रो रही हैं, वहीं पुरुष भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे हैं।
इस बीच सम्राट चौधरी ने पीड़ित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है—“पैसा से जिनगी फेरू नेय ने मिलते हो …” उनका कहना है कि इस अपूरणीय क्षति की भरपाई किसी भी मदद से संभव नहीं है।
















