


भागलपुर । विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर सोमवार को सुल्तानगंज नगर परिषद सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री सह भागलपुर जिला प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने की। बैठक में श्रावणी मेले के सफल संचालन, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं आधारभूत व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से मेले की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि श्रावणी मेला के सफल संचालन में कुल 14 विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने बताया कि गृह विभाग द्वारा मेला क्षेत्र, धर्मशालाओं एवं कांवरिया विश्राम स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
नगर परिषद सुल्तानगंज को मेला क्षेत्र की साफ-सफाई, पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए चार शिफ्टों में सफाई कर्मियों की तैनाती की जाएगी। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा पेयजल एवं शौचालयों की अतिरिक्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जबकि ऊर्जा विभाग बिजली आपूर्ति, ट्रांसफार्मर, पोल एवं तारों की व्यवस्था करेगा।
पथ निर्माण विभाग द्वारा कांवरिया पथ पर पीली एवं सफेद पट्टियों का निर्माण कराया जाएगा। श्रद्धालुओं के पैरों को गर्म सड़क से राहत देने के लिए बालू बिछाने, वाटर एटीएम, जर्मन हैंगर और वीआईपी टॉयलेट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की जाएगी।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित दरों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मोटरबोट, एसडीआरएफ टीम और आपदा मित्रों की तैनाती की जाएगी। वहीं जल संसाधन विभाग गंगा घाटों पर जालीयुक्त बैरिकेडिंग एवं वाटर एम्बुलेंस की व्यवस्था करेगा।
पर्यटन विभाग द्वारा इस वर्ष राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित डाक बंगला परिसर में स्विस कॉटेज विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार, विभागीय प्रदर्शनी, खोया-पाया केंद्र तथा आवश्यक संपर्क सूचनाओं के प्रसार की व्यवस्था की जाएगी। इस बार पंचायत राज विभाग को भी मेले की व्यवस्था से जोड़ा गया है, ताकि ग्रामीण कांवरिया पथों की सफाई मुखिया एवं सफाई प्रेक्षकों के माध्यम से सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में विधायक सुल्तानगंज ने नगर क्षेत्र में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था, महिला अस्पताल की चहारदीवारी के जीर्णोद्धार, कृष्णानंदन उच्च विद्यालय एवं मुरारका कॉलेज में खेल मैदान के विकास तथा श्रावणी मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित कराने की मांग उठाई।
भागलपुर सांसद ने कहा कि श्रावणी मेला क्षेत्र की पहचान है और इसे और बेहतर बनाने के लिए सभी विभागों एवं जनप्रतिनिधियों को समन्वित प्रयास करना चाहिए। वहीं बांका सांसद ने अजगैबीनाथ धाम में स्थायी रूप से एसडीआरएफ टीम की तैनाती, कुंभ मेले की तर्ज पर आधुनिक बैरिकेडिंग, स्थानीय पंडाओं के लिए स्थायी पास व्यवस्था तथा सुल्तानगंज में मजबूत जलनिकासी प्रणाली विकसित करने की मांग रखी।
प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्तर पर मेले को वर्षभर की स्थायी सुविधाओं से जोड़ने की योजना पर विचार किया जा रहा है। दुकानदारों के पंजीकरण की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि मेले की तैयारियों में लगे अधिकारियों और कर्मियों की मेहनत सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दिखाई जानी चाहिए। इसके लिए एक प्रभावी आईटी आधारित व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है, जिससे विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।
बैठक में भागलपुर सांसद अजय कुमार मंडल, बांका सांसद गिरधारी यादव, नगर विधायक रोहित पांडेय, कहलगांव विधायक शुभानंद मुकेश, पीरपैंती विधायक मुरारी पासवान, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह, बीस सूत्री कार्यक्रम समिति के उपाध्यक्ष संतोष कुमार साह एवं विपिन बिहारी सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और नगर परिषद के पार्षदगण उपस्थित थे।
















