


प्रभारी मंत्री ने जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता देने का दिया निर्देश
भागलपुर के समीक्षा भवन में सोमवार को जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति (20 सूत्री) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री सह भागलपुर जिला प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने की। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेन्द्र, भागलपुर सांसद अजय कुमार मंडल, सुल्तानगंज विधायक ललित नारायण मंडल, कहलगांव विधायक शुभानंद मुकेश, पीरपैंती विधायक मुरारी पासवान, नाथनगर विधायक मिथुन कुमार, जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष संतोष कुमार साह एवं विपिन बिहारी सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष विपिन मंडल तथा भागलपुर नगर निगम की महापौर डॉ. वसुंधरा लाल सहित समिति के सदस्य एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न विभागों की उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में प्रतिदिन लगभग 2.79 लाख बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य चल रहा है तथा आगामी 1 जुलाई से छह प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू हो जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि सहयोग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में भागलपुर जिला बिहार में तीसरे स्थान पर है और अधिकांश शिकायतों का समाधान सात दिनों के भीतर किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा अनियमितता बरतने वाले आठ उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत जिले में 3.38 लाख लाभार्थियों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण योजनाओं में भी जिले का प्रदर्शन संतोषजनक बताया गया।
रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत लक्ष्य के विरुद्ध 190 प्रतिशत आवेदनों की स्वीकृति दी गई है। वहीं पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 884 लाभार्थियों का चयन किया गया है।
मत्स्य पालन क्षेत्र में जिले के 12,660 मत्स्य पालक सक्रिय हैं तथा लगभग 23.30 टीएमटी मछली उत्पादन किया जा रहा है। बिहपुर एवं कहलगांव में हैचरी का निर्माण किया गया है तथा बिहपुर में रिक्रिएशन फिश पार्क विकसित किया गया है।
पंचायती राज विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि जिले में 86 पंचायत सरकार भवन संचालित हैं, जबकि 126 भवन निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा लगभग 25 हजार सोलर लाइटें स्थापित की जा चुकी हैं। आरटीपीएस रैंकिंग में जिला प्रथम स्थान पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना की उपलब्धि 98 प्रतिशत तथा बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की उपलब्धि 85 प्रतिशत दर्ज की गई है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में जीविका कार्यक्रम की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि जिले में जीविका दीदियों की संख्या 3.30 लाख से बढ़कर 5.21 लाख हो गई है। उन्हें विभिन्न योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है तथा “जीविका दीदी की रसोई” जैसी पहल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि गत वर्ष जिले में 187 राहत शिविरों का संचालन किया गया था तथा 1.33 लाख प्रभावित लोगों को अनुग्रह अनुदान उपलब्ध कराया गया। संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ से निपटने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। जिले में 501 आपदा मित्र, 261 प्रशिक्षित गोताखोर, 76 वाटर टैंकर और 41 प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
बैठक में समिति के सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल एवं अन्य विकासात्मक समस्याओं को उठाया। सदस्यों ने जनहित से जुड़े कई सुझाव भी दिए। जिला परिषद अध्यक्ष, महापौर, सांसद, विधायक एवं पथ निर्माण मंत्री ने भी अपने क्षेत्रों की विकास संबंधी आवश्यकताओं से समिति को अवगत कराया।
बैठक के समापन पर प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन की प्रस्तुति से स्पष्ट है कि विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भागलपुर को विकास के नए आयाम तक पहुंचाने के लिए सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 20 सूत्री समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों के सुझावों और दूरभाष कॉल को गंभीरता से लें तथा समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति सरकार की महत्वपूर्ण निगरानी एवं जनभागीदारी आधारित इकाई है और इसके सदस्यों को भी विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों एवं सहयोग शिविरों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों से भागलपुर जिले का सर्वांगीण विकास और अधिक गति से आगे बढ़ेगा।
















