


भागलपुर : देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर जवान नीरज कुमार का पार्थिव शरीर जब भागलपुर के सबौर प्रखंड अंतर्गत उनके पैतृक गांव मिर्जापुर पहुंचा, तो पूरा गांव शोक और गर्व के भाव में एक साथ डूब गया। हर आंख नम थी, हर दिल भारी था, लेकिन अपने वीर सपूत की शहादत पर गर्व भी साफ झलक रहा था।
जैसे ही सेना के जवानों का काफिला गांव में पहुंचा, लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अपने लाल की अंतिम झलक पाने को आतुर दिखा। पूरे गांव में सन्नाटा और दर्द का माहौल पसरा हुआ था। शहीद के घर के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। मां अपने लाल को देखकर बार-बार बेहोश हो जा रही थी, पत्नी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे, वहीं छोटे-छोटे बच्चों की मासूमियत इस दर्दनाक दृश्य को और भी भावुक बना रही थी। उन्हें शायद अभी यह पूरी तरह समझ नहीं था कि उनके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।
जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर के आंगन में लाया गया, पूरा वातावरण “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहे” के नारों से गूंज उठा। इन नारों में जहां देशभक्ति की भावना थी, वहीं शहीद के प्रति गहरा सम्मान और श्रद्धांजलि भी झलक रही थी।
सेना के जवानों एवं स्थानीय पुलिस प्रशासन ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद को अंतिम सलामी दी। सबौर थाना एवं औद्योगिक प्रक्षेत्र (जीरो माइल) थाना की पुलिस जुलूस में शामिल रही। जवानों ने हथियार झुकाकर अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वह क्षण बेहद भावुक कर देने वाला था, जिसे देखकर हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि नीरज कुमार बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे और उनका सपना सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना था। उन्होंने अपने इस सपने को साकार करते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीद नीरज कुमार की शहादत ने जहां पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है, वहीं हर दिल में उनके प्रति गर्व और सम्मान की भावना भी भर दी है। देश हमेशा अपने इस वीर सपूत का ऋणी रहेगा।













