


जिला निर्यात संवर्धन समिति की बैठक में निर्यात बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों की बाधाओं को दूर करने पर हुई चर्चा
भागलपुर। समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में गुरुवार को जिला निर्यात संवर्धन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले से निर्यात को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने तथा निर्यात के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट एक्शन प्लान के प्रारूप पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के बाद योजना के प्रारूप को अनुमोदित किए जाने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने जिले में तैयार होने वाले स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन, उनके लिए बेहतर बाजार संपर्क विकसित करने तथा निर्यात से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया।

बैठक में निर्यातकों को उपलब्ध कराई जा रही सरकारी सहायता और निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए उत्पादों की पहचान, गुणवत्ता में सुधार, उचित बाजार उपलब्ध कराने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया।
बैठक में जिला उद्योग केंद्र, कृषि, बैंक, डाक, उद्यान, नाबार्ड, आत्मा और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम से जुड़े विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, विदेश व्यापार महानिदेशालय, एक्जिम बैंक, ईसीजीसी, एपीडा और ईपीसीएच के प्रतिनिधियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

जिला प्रशासन की ओर से जिले की निर्यात संभावनाओं को बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। बैठक में स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कदमों पर भी विचार किया गया।
















