


नवगछिया : विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद तिनटंगा जहाज घाट पर नाव परिचालन शुरू होने से लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन व्यवस्थाओं की कमी अब भी परेशानी का कारण बनी हुई है। बीते सोमवार को घाट पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी, जिससे लंबी कतारें और अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। हालांकि मंगलवार को स्थिति में सुधार हुआ और आवागमन अपेक्षाकृत सुचारु रूप से चलने लगा।
घाट पर प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, जिससे यात्रियों को प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव साफ तौर पर नजर आ रहा है। खासकर पेयजल, शौचालय और यात्री शेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी में यात्रियों को खुले में इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
प्रशासन की ओर से नाव किराया संबंधी सूचना घाट पर चस्पा कर दी गई है, ताकि निर्धारित दर के अनुसार ही शुल्क लिया जा सके। बावजूद इसके यात्रियों का आरोप है कि मोटरसाइकिल के लिए निर्धारित ₹50 की जगह ₹80 तक वसूले जा रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

इधर, स्थानीय ग्रामीण भाजपा नेता बांसुकी मंडल ने घाट पर समुचित व्यवस्था किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए यहां भी सरकारी नाव की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे लोग बिना शुल्क के आवागमन कर सकें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की पहल सराहनीय है, लेकिन व्यवस्था को और बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और आवागमन पूरी तरह सुचारु हो सके।















