


एप्रोच पथ निर्माण कार्य शुरू, 24 मई तक सेवा शुरू होने की संभावना
गोपालपुर। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर, नवगछिया और सीमांचल के विभिन्न जिलों के बीच सड़क संपर्क प्रभावित होने से लोगों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। खासकर मालवाहक वाहनों के परिचालन में परेशानी के कारण व्यवसायियों और आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के समाधान को लेकर अब प्रशासन और निजी कंपनियों की पहल तेज हो गई है।

तिनटंगा करारी जहाज घाट से कहलगांव तक मालवाहक सेवा शुरू करने की तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है। शार्क शिपिंग कंपनी द्वारा गंगा नदी के रास्ते मालवाहक वाहनों और सामानों की ढुलाई की योजना बनाई गई है। इसके लिए तिनटंगा जहाज घाट पर एप्रोच पथ निर्माण का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। घाट तक मालवाहक वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मिट्टी भराई और रास्ते को समतल करने का काम जारी है।
कंपनी के निदेशक ने बताया कि यदि सभी तैयारियां समय पर पूरी हो गईं तो 24 मई तक मालवाहक सेवा शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद सीमांचल क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिसे सामान्य करने के लिए यह सेवा काफी महत्वपूर्ण साबित होगी।

जानकारी के अनुसार इस सेवा के शुरू होने से भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, अररिया और आसपास के जिलों के व्यापारियों को राहत मिलेगी। खासकर खाद्यान्न, निर्माण सामग्री, दैनिक उपयोग के सामान और अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई में आसानी होगी।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कंपनी और प्रशासन ने फिलहाल मालवाहक गाड़ियों का परिचालन केवल दिन के समय करने का निर्णय लिया है। रात में नदी मार्ग पर परिचालन नहीं किया जाएगा। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है।

स्थानीय लोगों और व्यवसायियों का कहना है कि यदि यह सेवा नियमित रूप से शुरू हो जाती है तो विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के कारण उत्पन्न परिवहन संकट से काफी हद तक राहत मिलेगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
















