


पूर्णिया । स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ़ के संयुक्त तत्वावधान में सेंटर प्वाइंट होटल, पूर्णिया में उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान, ट्रैकिंग, प्रबंधन, फॉलो-अप एवं संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने किया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सभी गर्भवती महिलाओं की समय पर प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) सुनिश्चित कर शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना रहा।
हर उच्च जोखिम गर्भावस्था जीवन बचाने का अवसर
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक उच्च जोखिम गर्भावस्था एक जीवन बचाने का अवसर है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि कोई भी गर्भवती महिला जांच एवं निगरानी से वंचित न रहे। सभी मामलों का नियमित फॉलो-अप, समय पर डाटा एंट्री और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जिले के विकास का महत्वपूर्ण सूचक है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
समय पर पहचान से घटेगी मातृ एवं शिशु मृत्यु दर
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में जोखिम की पहचान कर उचित उपचार और नियमित निगरानी से जटिलताओं एवं मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गर्भवती महिला स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
जिले ने हासिल किया राज्य में प्रथम स्थान
जानकारी दी गई कि पूर्णिया जिले में उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में जहां पहचान दर 2.9 प्रतिशत थी, वहीं वर्ष 2025-26 में बढ़कर 14.4 प्रतिशत हो गई है। मार्च 2026 में सर्वाधिक 21.2 प्रतिशत मामलों की पहचान की गई, जो बेहतर ट्रैकिंग और सक्रिय निगरानी का परिणाम है।
प्रदर्शन के आधार पर बायसी (27.0%), अमौर (20.7%) एवं रुपौली (18.1%) प्रखंड अग्रणी रहे। उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान एवं प्रबंधन के क्षेत्र में पूर्णिया जिला राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर चुका है।
कार्यशाला में सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सौरेंद्र दास, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक संजय कुमार दिनकर, आलोक कुमार, यूनिसेफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ शंकर रेड्डी एवं शिवशेखर आनंद सहित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, अस्पताल प्रबंधक, स्टाफ नर्स, एएनएम एवं डाटा ऑपरेटर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।













