


पूर्णिया। समाहरणालय पूर्णिया स्थित महानंदा सभागार में जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में प्रधान लिपिकों एवं सहायक प्रशाखा पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न कार्यालयों के कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान रोकड़ पंजी संधारण, न्यायालयों में लंबित मामलों, सीएम डैशबोर्ड, सीपीग्राम्स (CPGRAMS), सेवांत लाभ सहित विभिन्न प्रशासनिक विषयों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने संबंधित कार्यालयों को लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने के निर्देश दिए।
कार्यालय कार्य प्रणाली पर दिया मार्गदर्शन
जिलाधिकारी ने कार्यालय टिप्पण एवं प्रारूपण से संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही कार्यालयों के दैनिक कार्यों के निष्पादन में आ रही समस्याओं की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
आरटीपीएस सेवाओं में लापरवाही पर सख्ती
समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आरटीपीएस काउंटर पर एक्सपायर्ड आवेदन पाए जाने पर संबंधित कार्यालय प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। वहीं आरटीपीएस काउंटर पर ऑफलाइन आवेदन नहीं लेने की स्थिति में दोषी कर्मियों के वेतन स्थगित करने की चेतावनी भी दी गई।
जनसुनवाई आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन के निर्देश
जिलाधिकारी ने सेवा संवाद समाधान अनुश्रवण प्रणाली के अंतर्गत “सबका सम्मान, जीवन आसान” कार्यक्रम के तहत सोमवार एवं शुक्रवार को आयोजित जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में वरीय उपसमाहर्ता सह स्थापना उपसमाहर्ता इंद्रजीत कुमार, वरीय उपसमाहर्ता सह प्रभारी पदाधिकारी विकास शाखा सुरभि कुमारी सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।













