


जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने पर जोर
पूर्णिया : समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में आयोजित जिला उर्वरक निगरानी समिति की समीक्षा बैठक में सदर विधायक विजय खेमका ने अधिकारियों को एनडीए सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर उर्वरक, बीज और कृषि दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बैठक में विधायक ने विभागीय रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जिले में लगभग 1.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसल की खेती के लिए 55 हजार से अधिक मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराए जाएं तथा किसी भी स्तर पर कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विधायक विजय खेमका ने कहा कि कृषि पदाधिकारी केवल कार्यालय और कागजी जांच तक सीमित न रहें, बल्कि गांव-गांव और खेत-खलिहानों तक पहुंचकर किसानों को सरकारी योजनाओं और आधुनिक खेती की जानकारी दें। उन्होंने दो-तीन पंचायतों का क्लस्टर बनाकर शिविरों के माध्यम से अनुदानित बीज, हाइब्रिड बीज और कृषि यंत्र वितरण व्यवस्था को मजबूत करने का सुझाव दिया।

उन्होंने नकली खाद-बीज की बिक्री, बिना अनुज्ञप्ति के कारोबार तथा कालाबाजारी में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। विधायक ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
बैठक के दौरान विजय खेमका ने किसानों से जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए कम लागत वाली खेती की ओर बढ़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने गोबर खाद और वर्मी कंपोस्ट के उपयोग को बढ़ावा देने तथा बायोगैस प्लांट एवं जैविक खेती योजनाओं का लाभ उठाने की सलाह दी।

विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की स्पष्ट सोच है कि किसान समृद्ध हों और बिहार विकसित बने। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन की सक्रियता और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से पूर्णिया कृषि क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।














