


लगभग 160 छात्र-छात्राओं ने किया सामूहिक गायन, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना का दिया संदेश
पूर्णिया। ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में शुक्रवार को विद्या विहार कैरियर प्लस, पूर्णिया में विशेष सामूहिक गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रभावना, राष्ट्रीय एकता, अखंडता, मातृभूमि के प्रति सम्मान और भारतीय सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के लगभग 160 छात्र-छात्राओं ने उत्साह और अनुशासन के साथ सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने एक स्वर और एक लय में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। विद्यार्थियों की सामूहिक आवाज से पूरा परिसर राष्ट्रभावना से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला और वातावरण देशप्रेम तथा राष्ट्रीय एकता की भावना से ओत-प्रोत रहा।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि भारतीय राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में ‘वंदे मातरम्’ का विशेष स्थान रहा है। इस गीत ने मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, राष्ट्र के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना को अभिव्यक्ति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया गया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, अनुशासित, संवेदनशील और सामाजिक दायित्वों को समझने वाले नागरिकों का निर्माण करना भी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को देश के इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्या विहार कैरियर प्लस के निदेशक अभियंता प्रशांत शंकर ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक मूल्यों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की बड़ी ताकत है और विद्यार्थियों को अपने ज्ञान एवं प्रतिभा का सकारात्मक उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करना चाहिए।
संस्थान के जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष झा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के अवसर पर आयोजित सामूहिक गायन विद्यार्थियों के लिए केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान, एकता, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को आत्मसात करने का अवसर है। एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के सामूहिक गायन से उनमें सामूहिकता और राष्ट्रीय चेतना की भावना मजबूत होती है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में केंद्र समन्वयक मनीष रंजन के साथ वर्षा सिंह, बबिता दास, काजल सिंह, ऋषि राज, दीपक कुमार और श्वेता कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने, अनुशासन बनाए रखने और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में सक्रिय योगदान दिया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, गौरव और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान बनाए रखने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया। ‘एक समय, एक स्वर, एक लय’ की भावना के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए यादगार अनुभव रहा।
















