


नवगछिया : विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने और पुल पर आवागमन प्रभावित होने का असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ शादी-विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार देर शाम नवगछिया क्षेत्र के मुरली गांव से मिर्जाचौकी जाने वाली एक बारात को सड़क मार्ग बंद रहने के कारण नाव का सहारा लेना पड़ा। दूल्हे समेत सभी बारातियों को गंगा पार करने के लिए जहाज घाट पर घंटों इंतजार करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार मुरली गांव से दूल्हा अपनी बारात लेकर तय समय पर निकला था। परिवार और बारातियों को उम्मीद थी कि वे समय पर मिर्जाचौकी पहुंच जाएंगे, लेकिन विक्रमशिला पुल से आवागमन बाधित होने के कारण उन्हें रास्ता बदलना पड़ा। इसके बाद सभी लोग तिनटंगा जहाज घाट पहुंचे, जहां पहले से ही बड़ी संख्या में लोग नाव का इंतजार कर रहे थे।

घाट पर भारी भीड़ और सीमित संख्या में नाव उपलब्ध होने के कारण बारातियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। देर रात काफी मशक्कत के बाद नाव की व्यवस्था हो सकी, जिसके बाद दूल्हा और बाराती गंगा पार कर मिर्जाचौकी के लिए रवाना हुए।
बारात में शामिल लोगों ने बताया कि शादी जैसे खुशी के मौके पर इस तरह की परेशानी की उम्मीद किसी को नहीं थी। दूल्हा पक्ष के लोगों का कहना था कि पुल बंद होने से पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। खासकर रात के समय नाव से सफर करना लोगों की मजबूरी बन गई है।

कई बाराती पहली बार नाव पर सवार हुए थे, जिसके कारण उनमें डर और घबराहट भी देखी गई। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। घाट पर अव्यवस्था और भीड़ के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि विक्रमशिला पुल बंद होने के बाद नवगछिया और भागलपुर के बीच संपर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया है। रोजमर्रा के कामकाज, व्यापार, नौकरी, इलाज और शिक्षा के लिए आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब इसका असर शादी-विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों पर भी पड़ने लगा है।

घाट पर मौजूद लोगों ने प्रशासन से नावों की संख्या बढ़ाने एवं वैकल्पिक यातायात व्यवस्था करने की मांग की। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है। खासकर शादी के सीजन में बड़ी संख्या में लोगों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
देर रात बारात के रवाना होने के बाद भी लोगों के चेहरे पर खुशी से ज्यादा सफर की चिंता साफ दिखाई दे रही थी। विक्रमशिला पुल बंद होने से उत्पन्न यह स्थिति अब पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
















