


नाव के सहारे गंगा पार करने को मजबूर लोग, पढ़ाई और इलाज पर पड़ा असर
नवगछिया : विक्रमशिला सेतु के भागलपुर बरारी छोर पर करीब 34 मीटर स्लैब गंगा में समाहित होने के बाद आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पुल के दो हिस्सों में बंट जाने से आम लोगों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं, मरीजों और कामकाजी लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

सड़क संपर्क बाधित होने के कारण लोगों को अब नाव के सहारे गंगा पार करनी पड़ रही है। भीषण गर्मी और तपती धूप में घंटों घाट पर इंतजार करना यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
नवगछिया के तेतरी गांव की इंटर की छात्रा पावनी कुमारी ने बताया कि पुल बंद होने के बाद नियमित रूप से भागलपुर जाकर पढ़ाई करना काफी मुश्किल हो गया है। नाव से सफर करने में अधिक समय लग रहा है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। उन्होंने बताया कि लगातार हो रही परेशानी और अनिश्चितता को देखते हुए अब उन्हें भागलपुर में किराये का कमरा लेकर रहने का निर्णय लेना पड़ा है।

वहीं बीमार मरीजों और बुजुर्गों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महादेवपुर घाट पर तेज धूप और उमस के बीच यात्री नाव खुलने का इंतजार करते दिखाई देते हैं। कई मरीजों को इलाज के लिए घंटों परेशान होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल बाधित होने के कारण समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। रोजाना गंगा पार कर काम या पढ़ाई के लिए जाने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
घाटों पर लगातार बढ़ रही भीड़ और अव्यवस्था के कारण लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। लोग जल्द वैकल्पिक व्यवस्था और सुरक्षित आवागमन की मांग कर रहे हैं।















