


भीषण गर्मी और भारी भीड़ के बीच गंगा पार करने को मजबूर यात्री
नवगछिया : विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होकर दो हिस्सों में बंट जाने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पुल बंद होने के कारण अब गंगा पार करने के लिए नाव ही लोगों का मुख्य सहारा बन गई है। रोजाना हजारों लोग नाव के जरिए किसी तरह एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंच रहे हैं।

प्रशासन द्वारा वैकल्पिक बेली ब्रिज निर्माण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है, लेकिन उसके तैयार होने तक लोगों को नाव के भरोसे ही सफर करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
शुक्रवार को वट सावित्री पर्व के अवसर पर तीनटंगा जहाज घाट और महादेवपुर घाट पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कहलगांव और भागलपुर आने-जाने वाले लोगों की संख्या अधिक रहने से सुबह से ही घाटों पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बीच महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। घाटों पर लंबी कतारों में लोग नाव का इंतजार करते नजर आए। कई यात्रियों को घंटों धूप में खड़े रहना पड़ा।
नाव पर चढ़ने और उतरने के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि पुलिस और आपदा मित्रों की टीम लगातार व्यवस्था संभालने में जुटी रही।
तीनटंगा जहाज घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। नाव लगते ही पुलिस पदाधिकारी रविंद्र कुमार और रसनदेव पासवान पुलिस बल तथा आपदा मित्रों के साथ यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से चढ़ाने और उतारने में जुटे रहे।

वहीं फेरी सेवा घाट के कर्मी दिलीप कुमार झा ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक जहाज पर सीमित संख्या में यात्रियों तथा दूसरी नाव पर केवल दोपहिया वाहनों को ही लादा जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा मिल सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। व्यापार, नौकरी, पढ़ाई और इलाज के लिए रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था पूरी करने की मांग की है, ताकि आवागमन सामान्य हो सके।















