


गंगा कटाव से राहत और आवागमन को मिलेगा नया विकल्प, विभाग को सर्वे और डीपीआर तैयार करने का निर्देश
भागलपुर । बिहार के पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंजीनियर शैलेंद्र ने शुक्रवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि विक्रमशिला सेतु को लगभग 50 किलोमीटर लंबे रिंग रोड के माध्यम से सीधे अगुवानी सेतु से जोड़ने की योजना पर कार्य शुरू किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर विभागीय अधिकारियों को सर्वेक्षण कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि रिंग रोड के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को आवागमन के लिए एक नया और बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा। साथ ही राघोपुर के जाह्नवी चौक से लेकर अगुवानी-परबत्ता तक गंगा तटवर्ती क्षेत्रों को कटाव से बचाने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने बताया कि बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के लत्तीपुर-नन्हकार जमींदारी, राघोपुर-काजीकोरैया गंगा तटबंध सहित कालूचक, विशपुरिया, सिंहकुंड और गुवारीडीह जैसे कोसी कटाव प्रभावित इलाकों में भी कटावरोधी कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। पहले इन क्षेत्रों में मानसून शुरू होने के बाद कार्य प्रारंभ होता था, लेकिन इस बार संभावित खतरे को देखते हुए मानसून से पहले ही कार्य शुरू कराने का निर्देश बाढ़ नियंत्रण विभाग को दिया गया है।
मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और क्षेत्र का समग्र विकास है। कटाव प्रभावित गांवों को सुरक्षित रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है, ताकि बाढ़ और कटाव से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
गौरतलब है कि मंत्री ने गुरुवार को पूरे दिन विभिन्न तटबंधों और कटाव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया। इस अवसर पर प्रो. गौतम, प्रभुनंदन चौधरी, उत्तम कुमार, सत्यप्रकाश सिंह, नूनू चौधरी और कुमार गौरव सहित कई लोगों ने मंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
स्थानीय लोगों का मानना है कि रिंग रोड और कटावरोधी योजनाओं के धरातल पर उतरने से क्षेत्र में विकास को नई गति मिलेगी तथा हजारों लोगों को राहत मिलेगी।














