


भागलपुर । विश्व ऊदबिलाव दिवस के अवसर पर लोगों को ऊदबिलाव (Otter) एवं जलीय जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम एवं वीडियो प्रेजेंटेशन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के तत्वावधान में नमामि गंगे जलज परियोजना अंतर्गत ब्राइट बे कोचिंग संस्थान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जलज परियोजना सहयोगी राहुल कुमार राज ने ऊदबिलाव के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऊदबिलाव स्वच्छ एवं स्वस्थ नदी पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। इसकी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि संबंधित जल स्रोत प्रदूषण मुक्त और जैव विविधता से समृद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि गंगा नदी एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में पाए जाने वाले ऊदबिलाव जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान समय में नदी प्रदूषण, प्लास्टिक कचरे का बढ़ता प्रभाव, अवैध शिकार तथा जल स्रोतों के क्षरण के कारण इनके अस्तित्व पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को ऊदबिलाव की विभिन्न प्रजातियों, उनके रहन-सहन, भोजन, पर्यावरणीय महत्व तथा संरक्षण उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को नदियों को स्वच्छ रखने तथा वन्यजीव संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ऊदबिलाव संरक्षण, जलीय जीवों की सुरक्षा तथा गंगा एवं अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने की शपथ ली। सभी ने “नदी बचाओ — ऊदबिलाव बचाओ” तथा “ऊदबिलाव बचाएँ — नदियाँ बचाएँ — प्रकृति बचाएँ” जैसे नारों के साथ जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता बचाने के संदेश के साथ किया गया।















