
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा होंगे मुख्य अतिथि, मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से की शामिल होने की अपील
पूर्णिया। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने 4 नवंबर को पूर्णिया में आयोजित होने वाली ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को लेकर कहा कि यह आयोजन पूर्णिया के राजनीतिक एवं सामाजिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखेगा। उन्होंने बताया कि पदयात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा शामिल होंगे। इसके अलावा बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा सहित विभिन्न प्रमंडलों के नेता भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि यह पदयात्रा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, सामाजिक समरसता, जनजागरण और विकास के संकल्प को लेकर आयोजित की जा रही है। इसमें बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और आम नागरिकों के शामिल होने की उम्मीद है।
लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक एकता का संदेश देने का दावा
मंत्री ने कहा कि पूर्णिया की धरती हमेशा से सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक विविधता, आपसी भाईचारे और राजनीतिक जागरूकता के लिए जानी जाती रही है। यहां की जनता ने लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक एकता को मजबूती प्रदान की है। ऐसे में 4 नवंबर की पदयात्रा जनता की भागीदारी और जनभावनाओं को अभिव्यक्त करने का माध्यम बनेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता की सक्रिय भागीदारी, संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान और कानून के शासन में विश्वास बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य को लेकर ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील

डॉ. जायसवाल ने भारतीय जनता पार्टी के सभी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पदयात्रा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की उपस्थिति और पूर्णिया की जनता की व्यापक भागीदारी से यह आयोजन यादगार बनेगा।
मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक एकता और जनभागीदारी का संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।















