


भागलपुर में डॉक्टरों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, परिजनों ने कहा– “डॉक्टर हमारे लिए फरिश्ता बनकर आए”
भागलपुर। भागलपुर में एक आठ वर्षीय बच्चे की जान उस समय आफत में पड़ गई, जब खेल-खेल में उसके गले में 10 रुपये का सिक्का फंस गया। बच्चे की हालत बिगड़ने लगी और सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन घबराकर उसे आनन-फानन में हवाई अड्डा के समीप छोटी गोपालपुर स्थित सिटी केयर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों की तत्परता और सूझबूझ से बच्चे की जान बच गई।

अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। जांच में पता चला कि बच्चे के गले में 10 रुपये का सिक्का फंसा हुआ है, जिससे उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने बिना समय गंवाए विशेष प्रक्रिया के तहत बच्चे के मुंह के रास्ते सफलतापूर्वक सिक्का बाहर निकाल दिया।
डॉक्टरों की इस सफलता के बाद बच्चे और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली। अस्पताल में मौजूद लोगों ने भी डॉक्टरों के प्रयास की सराहना की। बच्चे के परिजनों ने कहा कि यदि समय पर इलाज नहीं मिलता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने अस्पताल और डॉक्टरों को धन्यवाद देते हुए कहा कि “डॉक्टर हमारे लिए फरिश्ता बनकर आए।”

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार बच्चे को अस्पताल लाए जाने के समय उसकी स्थिति काफी गंभीर थी, लेकिन अनुभवी चिकित्सकों और अत्याधुनिक चिकित्सा व्यवस्था के कारण समय रहते सफल इलाज संभव हो सका। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों में इस प्रकार की घटनाएं अक्सर खेल-खेल में हो जाती हैं, इसलिए अभिभावकों को छोटे बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता है।
अस्पताल के डायरेक्टर और चिकित्सकों ने बताया कि सिटी केयर हॉस्पिटल में आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था उपलब्ध है, जिससे गंभीर मरीजों का भी बेहतर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच अस्पताल की काफी सराहना हो रही है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में इलाज की अच्छी व्यवस्था, डॉक्टरों का व्यवहार और त्वरित चिकित्सा सुविधा लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। वहीं इस सफल इलाज के बाद डॉक्टरों और अस्पताल को लोगों की खूब दुआएं मिल रही हैं।
















