


पूर्णिया : पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने अग्निवीर योजना एवं देश की संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से व्यापक विचार-विमर्श के बाद निर्णय लेने की मांग की है।
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े किसी भी निर्णय में व्यापक चर्चा और सहमति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का मनोबल देश की सबसे बड़ी ताकत है और यदि सैनिकों के भविष्य को लेकर असुरक्षा की भावना पैदा होती है, तो इसका प्रभाव राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है। उन्होंने अग्निवीर योजना पर स्पष्ट नीति लाने तथा आवश्यकता पड़ने पर इसे उच्च स्तरीय समिति को भेजने की मांग की।

उन्होंने कहा कि देश का हर युवा सेना में सम्मानजनक एवं स्थायी अवसर चाहता है, जिससे वह अपने परिवार और आने वाली पीढ़ी का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सके। सांसद ने जोर देकर कहा कि सेना एवं केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) के जवानों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए तथा सभी के लिए समान सम्मान और सुरक्षा की नीति लागू होनी चाहिए।
पुलवामा हमले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने कई बहादुर जवानों को खोया, लेकिन उससे जुड़े कई प्रश्न अब भी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। उन्होंने शहीदों के सम्मान, उनके परिवारों की सुरक्षा तथा सहायता योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई, ताकि आम लोगों का विश्वास मजबूत हो सके।

सांसद पप्पू यादव ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और गरिमा बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि संस्थाओं पर अनावश्यक दबाव लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने न्यायपालिका की गरिमा का उल्लेख करते हुए सरकार से टकराव के बजाय सहयोग की भावना से काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि देश की सेना, सीएपीएफ और सुरक्षा बलों के लाखों जवान भारत की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, इसलिए उनके हितों एवं मनोबल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।













