


नवगछिया पुलिस जिला के रंगरा थाना क्षेत्र के सधूवा गांव में गुरुवार को एक हृदयविदारक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। पारिवारिक जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जहां छोटे भाई ने अपनी पत्नी और साले के साथ मिलकर बड़े भाई की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को घर की पानी की टंकी में छिपा दिया। घटना का खुलासा तब हुआ, जब गुरुवार शाम टंकी से उठ रही तेज दुर्गंध ने लोगों का ध्यान खींचा।
मृतक की पहचान फुलेश्वर सिंह के रूप में हुई है। वह पेशे से राजमिस्त्री था और चंडीगढ़ में रहकर मजदूरी करता था। वहीं से वह अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व उसकी मां रंगरा चौक के समीप एक सड़क हादसे में घायल हो गई थीं। मां के इलाज के सिलसिले में ही वह गांव आया हुआ था।
परिजनों के मुताबिक, दोनों भाइयों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मां द्वारा संपत्ति का बंटवारा किए जाने के बाद छोटे भाई रुदल सिंह को लगभग डेढ़ बीघा जमीन मिली थी, जिसे उसने पहले ही बेच दिया था। इसके बाद से वह बड़े भाई के हिस्से की जमीन पर कब्जा जमाने की मंशा रखने लगा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।
बताया जाता है कि घटना बुधवार की देर रात की है। आरोप है कि रुदल सिंह ने पहले घर की बिजली काट दी, ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया जा सके। इसके बाद वह छत पर सोने का बहाना बनाकर चला गया। जब घर के अन्य सदस्य सो गए, तब उसने अपनी पत्नी अंजू देवी और साले शत्रुघ्न सिंह के साथ मिलकर फुलेश्वर सिंह की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद तीनों ने मिलकर शव को घर की पानी की टंकी में डाल दिया, ताकि किसी को संदेह न हो।
गुरुवार शाम जब टंकी के आसपास से दुर्गंध फैलने लगी, तो परिजनों और पड़ोसियों को आशंका हुई। टंकी का ढक्कन खोलने पर भीतर पानी में डूबा हुआ शव बरामद हुआ। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और पूरे गांव में सनसनी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही रंगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष विश्व बंधु कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने शव को टंकी से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए। प्रारंभिक जांच में मामला स्पष्ट रूप से हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। फुलेश्वर सिंह अपने पीछे पत्नी सपना देवी और चार छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ में रह रही उनकी पत्नी भी सदमे में है।
घटना के बाद पूरे सधूवा गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
















