


शास्त्रीय गायन, वादन एवं नृत्य का मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण
पूर्णिया : कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह प्रशिक्षण केंद्र पूर्णिया के मरंगा स्थित प्रेक्षागृह-सह-आर्ट गैलरी परिसर में संचालित किया जा रहा है। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी Pankaj Kumar Patel ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि जिले के नवोदित कलाकारों को कला के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण पहल की गई है।

उन्होंने बताया कि बिहार सरकार की यह योजना कला एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से छात्र-छात्राओं को शास्त्रीय गायन, वादन एवं नृत्य संगीत की तीनों विधाओं में सुयोग्य शिक्षकों द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण केंद्र में नामांकन के लिए न्यूनतम आयु छह वर्ष निर्धारित की गई है। नामांकन के इच्छुक छात्र-छात्राओं को जन्मतिथि प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा तीन पासपोर्ट साइज फोटो जमा करना अनिवार्य होगा।

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक विधा में अधिकतम 40 छात्र-छात्राओं का ही नामांकन किया जाएगा। ऐसे में ‘पहले आओ और पहले पाओ’ के सिद्धांत पर नामांकन की प्रक्रिया चल रही है।
प्रशिक्षण केंद्र का संचालन मंगलवार से रविवार तक दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा, जबकि सोमवार को केंद्र बंद रहेगा। छात्र-छात्राओं की संख्या को देखते हुए प्रशिक्षण दो सत्रों में संचालित होगा। पहला सत्र दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक तथा दूसरा सत्र शाम 4 बजे से 6 बजे तक चलेगा।
अधिक जानकारी एवं नामांकन आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, प्रेक्षागृह-सह-आर्ट गैलरी मरंगा पूर्णिया में संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने छात्र-छात्राओं से जल्द नामांकन कर अपनी कला को नई पहचान देने की अपील की है।















