


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सैनिक स्कूल गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर के प्राथमिक खंड पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर, नरगाकोठी में बुधवार को गुरु पूर्णिमा उत्सव श्रद्धा, सम्मान और भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में सुबह से ही गुरु-शिष्य परंपरा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब नन्हे विद्यार्थियों ने मुख्य द्वार पर सभी आचार्यों, दीदीजी एवं कर्मचारियों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्या ममता जायसवाल, अभिजीत आचार्य, शुभम कुमार तथा विद्यालय के सभी आचार्य-दीदीजी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने महर्षि वेदव्यास के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
अपने संबोधन में प्रभारी प्रधानाचार्या ममता जायसवाल ने कहा कि “गुरु केवल ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि संस्कार, निष्ठा और कर्तव्य पथ के सर्वोच्च मार्गदर्शक होते हैं।” उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में मनाई जाती है, जिन्हें भगवान विष्णु का अंशावतार तथा समस्त गुरुओं का आदि गुरु माना जाता है।
विद्यालय के अन्य आचार्यों एवं दीदीजी ने भी विद्यार्थियों को महर्षि वेदव्यास के जीवन, उनके योगदान तथा गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने गुरुजनों से प्राप्त शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया और पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर शशि भूषण मिश्र, आभाष कुमार, ऋषि देवाशीष, सुजीत कुमार, शशिकांत गुप्ता, सुबोध ठाकुर, संजीव ठाकुर, गोपाल प्रसाद सिंह, साक्षी कुमारी, मोनालिसा, नेहा कुमारी, कविता पाठक, खुशबू कुमारी, अनीता देवी, सुलेखा देवी, मनीष कुमार एवं रंजीत कुमार सहित विद्यालय परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
















