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पूर्णिया।

पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव) ने लोकसभा में कोसी-सीमांचल की बिजली व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने केंद्रीय विद्युत मंत्रालय से वर्ष 2030 तक देश में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण क्षमता बढ़ाने की कार्ययोजना, बिहार में पिछले पांच वर्षों के दौरान स्वीकृत विद्युत परियोजनाओं तथा पूर्णिया-सीमांचल क्षेत्र में प्रस्तावित नए ग्रिड सब-स्टेशन एवं उच्च क्षमता वाली ट्रांसमिशन लाइनों की जानकारी मांगी।

लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर में केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद येस्सो नाईक ने बताया कि केंद्र सरकार वर्ष 2031-32 तक देश की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 874 गीगावाट तक पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए तापीय, जलविद्युत, परमाणु, सौर एवं पवन ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। सरकार ने अतिरिक्त 1.05 लाख मेगावाट तापीय क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। साथ ही वर्ष 2032 तक देशभर में लगभग 1.91 लाख सर्किट किलोमीटर नई पारेषण लाइनें तथा 1,274 जीवीए अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता विकसित करने की योजना है।

बिहार से संबंधित जानकारी देते हुए केंद्र सरकार ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। उत्पादन क्षेत्र में नवीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (चरण-2) की दो 800-800 मेगावाट इकाइयों तथा पीरपैंती अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की चार 800-800 मेगावाट इकाइयों पर कार्य चल रहा है। वहीं अंतरराज्यीय पारेषण प्रणाली के तहत लगभग 1,016 सर्किट किलोमीटर नई पारेषण लाइनें, 468 सर्किट किलोमीटर री-कंडक्टरिंग तथा लगभग 8,200 एमवीए ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता वृद्धि की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

सांसद पप्पू यादव के प्रश्न के उत्तर में सरकार ने पूर्णिया क्षेत्र की प्रस्तावित विद्युत परियोजनाओं की भी जानकारी दी। इसके अनुसार वर्ष 2028-29 तक भवानीपुर में 132/33 केवी क्षमता का नया ग्रिड सब-स्टेशन तथा धामदाहा-बनमंखी 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण प्रस्तावित है। वहीं वर्ष 2030-31 तक कस्बा में 220/132 केवी ग्रिड सब-स्टेशन तथा कटिहार (आईएसटीएस)-कस्बा 220 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि बिहार में बिजली वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत 10,559 करोड़ रुपये की वितरण अवसंरचना परियोजनाएं तथा 2,021 करोड़ रुपये की स्मार्ट मीटरिंग परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन योजनाओं के तहत नए सब-स्टेशन, ट्रांसफॉर्मर, कंडक्टर अपग्रेडेशन, एबीसी केबल, फीडर पृथक्करण सहित कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सभी परियोजनाओं को 31 मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सीमांचल और कोसी क्षेत्र की बढ़ती आबादी, औद्योगिक संभावनाओं और कृषि जरूरतों को देखते हुए मजबूत विद्युत अवसंरचना समय की मांग है। उन्होंने केंद्र सरकार से पूर्णिया एवं सीमांचल की बिजली परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने की मांग की, ताकि क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

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