


@ विधायक शुभानंद मुकेश ने स्वयं अपने हाथों से कांवरियों को भोजन परोसकर सेवा-भाव का परिचय दिया। श्रद्धालुओं ने इसकी सराहना की। विधायक ने पड़ाव संघ सहित उनके साथ चल रही वृहद् टीम को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सावन की आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम गुरुवार को द्वितीय पड़ाव सन्हौला में देखने को मिला, जब कहलगांव के ऐतिहासिक पड़ाव संघ की 114वीं यात्रा के साथ चल रहे करीब पाँच हजार कांवरियों का जत्था, 81, 71, 61, 51, 31 और 21 फीट ऊंची आकर्षक कांवरों तथा भव्य शिव रथ के साथ शिव शक्ति मंदिर, सन्हौला पहुँचा। कांवरियों के आगमन से पूरा सन्हौला ‘बोल बम’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। शिवभक्ति की इस अनूठी छटा ने बाजार से लेकर मंदिर परिसर तक पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
सन्हौला स्थित शिव शक्ति मंदिर कांवरियों के प्रमुख पड़ाव के रूप में आस्था का केंद्र बना रहा। दोपहर में कांवरियों ने मंदिर परिसर के साथ-साथ सन्हौला थाना परिसर में भी विश्राम किया। उनके स्वागत के लिए स्थानीय लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिला। बाजार के व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में स्वागत के लिए उमड़ पड़े।
विधायक ई. शुभानंद मुकेश के नेतृत्व में मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत कुमार, जदयू प्रखंड अध्यक्ष विजय मंडल, भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र साह तथा उनकी टीम ने कांवरियों के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। विधायक ने स्वयं अपने हाथों से कांवरियों को भोजन परोसकर सेवा-भाव का परिचय दिया, जिसकी श्रद्धालुओं ने सराहना की। इसके बाद विधायक ने मंच से पड़ाव संघ सहित उनके साथ चल रही वृहद् टीम को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। बीडीओ कन्हैया कुमार और सीओ रजनीश चंद्र राय ने सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था की कमान संभाली, जिससे पूरे कार्यक्रम का संचालन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
भजनों की फुहार के साथ भक्ति का रंग और गहरा हो गया। भजन गायक शुभम भास्कर और अर्चना गोस्वामी की प्रस्तुति ने माहौल को संगीतमय बना दिया। रिमझिम बारिश के बीच जब शिव भजनों की स्वर-लहरियां गूंजीं, तो हजारों कांवरिए खुद को थिरकने से नहीं रोक सके। भक्ति, संगीत और बारिश का यह अद्भुत संगम लंबे समय तक लोगों के लिए यादगार बन गया।
पड़ाव संघ के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह एवं ट्रस्ट अध्यक्ष संतोष चौधरी ने बताया कि इस वर्ष संघ के साथ करीब पांच हजार कांवरिए यात्रा कर रहे हैं।

















