


भागलपुर । सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था समवेत की ओर से रविवार को खैरपुर, खरीक में ‘किशोरी क्षमता वर्धन, प्रेरणा नेतृत्व एवं सामुदायिक भागीदारी’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में संत कबीर प्रेरणा केंद्र नन्हकार, महात्मा गांधी प्रेरणा केंद्र नवादा, अंबेडकर प्रेरणा केंद्र खैरपुर तथा सावित्रीबाई फुले प्रेरणा केंद्र नरकटिया की करीब 50 किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला के मुख्य स्रोत व्यक्ति समवेत के निदेशक विक्रम और संस्कृतिकर्मी वर्षा ऋतु रहे। विभिन्न सत्रों के दौरान किशोरी नेतृत्व, लैंगिक विषमता के विभिन्न आयाम, लैंगिक न्याय को बढ़ावा देने वाले कारकों तथा किशोरियों के नेतृत्व और आगे बढ़ने में आने वाली सामाजिक एवं व्यवहारिक बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
समवेत के निदेशक विक्रम ने कहा कि लैंगिक समानता केवल लड़कियों का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज के न्याय और विकास से जुड़ा विषय है। किशोरियों को अपनी बात रखने, निर्णय लेने और नेतृत्व करने के समान अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब लड़कियां अपनी क्षमता को पहचानती हैं और परिवार तथा समुदाय उनका सहयोग करता है, तभी वास्तविक सामाजिक बदलाव संभव होता है।
संस्कृतिकर्मी वर्षा ऋतु ने किशोरियों से संवाद करते हुए कहा कि सशक्तिकरण का अर्थ केवल अधिकारों की जानकारी हासिल करना नहीं है। अपने विचारों को आत्मविश्वास के साथ व्यक्त करना, सवाल पूछना और अपने जीवन से जुड़े निर्णयों में सक्रिय भागीदारी करना भी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कार्यशाला को सहभागी एवं संवादात्मक तरीके से संचालित किया गया। इस दौरान किशोरियों ने अपने अनुभव और विचार साझा किए। विभिन्न समूह गतिविधियों, चर्चाओं और ग्रुप एक्सरसाइज के माध्यम से लैंगिक भेदभाव, समानता और नेतृत्व की समझ विकसित करने का प्रयास किया गया।
कार्यशाला के आयोजन एवं संचालन में समवेत की सामुदायिक कार्यकर्ता पुष्पा कुमारी, करिश्मा कुमारी, अबोध दास एवं राहुल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन का मुख्य उद्देश्य किशोरियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामुदायिक भागीदारी की भावना को मजबूत करना रहा।
















