


रंगरा-गोपालपुर के संवेदनशील तटबंधों पर प्रशासन की पैनी नजर, डीएम-एसपी ने मौके पर पहुंचकर परखी स्थिति; अभियंताओं को चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश
भागलपुर। गंगा के बढ़ते जलदबाव और लगातार बने बाढ़ के खतरे के बीच भागलपुर जिले के तटबंधों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। तटबंधों पर उत्पन्न हो रही चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें दिन-रात सुरक्षात्मक कार्यों में जुटी हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी, नवगछिया के पुलिस अधीक्षक और नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी ने रंगरा एवं गोपालपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील तटबंधों का स्थल निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कटाव और ब्रीच प्रभावित स्थलों की स्थिति देखी तथा चल रहे बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने संबंधित अभियंताओं और पदाधिकारियों से तटबंधों की मौजूदा स्थिति, जलदबाव और संभावित खतरे के संबंध में जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का जोर किसी भी संवेदनशील स्थल पर स्थिति बिगड़ने से पहले सुरक्षात्मक कार्रवाई करने पर है।
धोबनिया जमींदारी बांध पर 20 फीट कटाव चुनौती
रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी बांध पर करीब 20 फीट का कटाव प्रशासन और जल संसाधन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। नदी के दबाव के कारण तटबंध पर कटाव की स्थिति को देखते हुए यहां युद्धस्तर पर बचाव कार्य कराया जा रहा है। कटाव वाले हिस्से को मजबूत करने के लिए डॉवल निर्माण, बांस पाइलिंग, एनसी कार्य और बालू से भरे बोरे लगाने का काम जारी है।

नदी की ओर से तटबंध पर पानी के सीधे दबाव को कम करने के लिए प्लास्टिक शीट की परत लगाई जा रही है। इसके ऊपर बालू से भरे बोरे रखकर तटबंध को अतिरिक्त मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है। विभागीय टीम लगातार कटाव वाले हिस्से की निगरानी कर रही है, ताकि पानी का दबाव बढ़ने पर तत्काल अतिरिक्त बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
ओवरटॉपिंग रोकने की भी तैयारी
तटबंधों पर केवल कटाव ही नहीं, बल्कि पानी के ऊपर से बहने यानी ओवरटॉपिंग की आशंका को भी प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान इस बिंदु पर भी जानकारी ली और संबंधित टीम को आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए। तटबंध के कमजोर और संवेदनशील हिस्सों को चिह्नित कर वहां पर्याप्त मात्रा में बालू भरे बोरे सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया।
रात में ब्रह्मोत्तर बांध पर आया ब्रीच, समय रहते नियंत्रित
गोपालपुर क्षेत्र में ब्रह्मोत्तर बांध पर रात में उत्पन्न हुए ब्रीच ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग की टीम और स्थानीय लोग बचाव कार्य में जुट गए। लगातार प्रयास के बाद ब्रीच को नियंत्रित कर लिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ब्रीच स्थल पर पहुंचकर तकनीकी टीम से अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली। अधिकारियों ने यह भी जाना कि ब्रीच को नियंत्रित करने के बाद तटबंध की स्थिति कैसी है और आगे किसी तरह के खतरे की आशंका तो नहीं है। प्रशासन ने तटबंध की निगरानी जारी रखने तथा जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षात्मक कार्य करने को कहा।
बचाव कार्य में ग्रामीणों ने भी संभाला मोर्चा
ब्रह्मोत्तर बांध पर उत्पन्न ब्रीच को नियंत्रित करने में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। जल संसाधन विभाग की टीम के साथ ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में सहयोग किया। ग्रामीणों ने उपलब्ध संसाधनों के साथ तटबंध को सुरक्षित करने के प्रयास में विभागीय टीम का साथ दिया। प्रशासन ने भी ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की।
संवेदनशील तटबंधों पर चौबीस घंटे निगरानी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को संवेदनशील तटबंधों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थान पर अचानक कटाव, ब्रीच या ओवरटॉपिंग की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। इसके लिए विभागीय टीमों को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है।
धोबनिया जमींदारी बांध और बुढ़िया बांध समेत अन्य संवेदनशील स्थलों की स्थिति की भी अधिकारियों ने जानकारी ली। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को तटबंधों की नियमित निगरानी करने और छोटे कटाव को भी गंभीरता से लेते हुए तत्काल उसकी मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया।
प्रशासन की हर संवेदनशील स्थल पर नजर
जिला प्रशासन के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल संसाधन विभाग समेत संबंधित विभागों की टीमें संवेदनशील स्थलों पर सक्रिय हैं। तटबंधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सामग्री और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन का प्रयास है कि गंगा के जलस्तर और नदी के बढ़ते दबाव के बीच तटबंधों को सुरक्षित रखा जाए तथा किसी भी संभावित खतरे से पहले आवश्यक कदम उठाए जाएं। अधिकारियों ने विभागीय टीमों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना देने का निर्देश दिया है।
बाढ़ के बीच तटबंधों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
गंगा के बढ़ते दबाव के बीच रंगरा और गोपालपुर क्षेत्र में तटबंधों की सुरक्षा प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल हो गई है। एक ओर धोबनिया जमींदारी बांध पर करीब 20 फीट कटाव को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है, वहीं दूसरी ओर ब्रह्मोत्तर बांध पर रात में उत्पन्न ब्रीच को नियंत्रित करने के बाद भी निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों के लगातार स्थल निरीक्षण और विभागीय टीमों की सक्रियता से तटबंधों पर चल रहे बचाव कार्यों को गति मिली है।
















