


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सरकारी शिक्षकों के लिए अब सिर्फ कक्षा में पढ़ाना ही नहीं, बल्कि अपनी डिजिटल सेवा-पुस्तिका को भी दुरुस्त रखना जरूरी हो गया है। सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल के डाटा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। भागलपुर में 3393 शिक्षकों के प्रोफाइल अब तक अपडेट नहीं होने के बाद विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अधूरे या गलत डाटा की जवाबदेही संबंधित शिक्षक के साथ विद्यालय प्रधान और प्रखंड स्तर के अधिकारियों की भी होगी।
डाटा की एक गलती और अटक सकता है तबादला

ई-शिक्षा कोष पर दर्ज विद्यालय, पद, विषय और योगदान तिथि जैसे विवरण अब महज रिकॉर्ड नहीं रहेंगे। आगामी सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया इन्हीं आंकड़ों के आधार पर आगे बढ़नी है। ऐसे में पोर्टल पर दर्ज जानकारी में गड़बड़ी हुई तो शिक्षकवार और विद्यालयवार रिक्तियों के मिलान पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि विभाग ने प्रोफाइल को शत-प्रतिशत त्रुटिरहित करने को प्राथमिकता दी है।
सितंबर के वेतन पर भी तलवार:
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) शशि चंदन चौधरी ने सभी बीईओ और बीआरसी के लेखापालों को निर्देश जारी किए हैं। शत-प्रतिशत शिक्षकों का प्रोफाइल सही होने का घोषणा पत्र जमा नहीं होने की स्थिति में संबंधित शिक्षक, एचएम/प्रधान शिक्षक और बीईओ का सितंबर माह का वेतन रोकने की चेतावनी दी गई है। घोषणा पत्र के बिना सितंबर के वेतन विपत्र को कोषागार में स्वीकृति नहीं देने की बात कही गई है।
पहले भी मिला था मौका, अब कार्रवाई की तैयारी:
विभाग के अनुसार शिक्षकों को मई और अगस्त में भी प्रोफाइल एवं छात्र डाटा अपडेट करने का अवसर दिया गया था। सुधार के लिए आवेदन और डाटा कैप्चर फॉर्मेट की मूल प्रति बीईओ कार्यालय में जमा कराने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रोफाइल अपडेट नहीं हुए।
तबादले की तारीख भी तय:
शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया भी इसी डिजिटल डाटा से जुड़ी है। विभागीय कार्यक्रम के अनुसार 1 अक्टूबर को सामान्य स्थानांतरण के लिए संशोधित विद्यालयवार रिक्तियों का अंतिम प्रकाशन किया जाना है। इसके बाद 4 अक्टूबर से पात्र शिक्षक ऑनलाइन स्थानांतरण आवेदन कर सकेंगे।
हाल में भागलपुर में समानुपातीकरण प्रक्रिया के तहत 1196 शिक्षकों को नए विद्यालयों का औपबंधिक आवंटन भी किया गया था। इससे स्पष्ट है कि जिले में शिक्षकों के पदस्थापन और विद्यालयवार डाटा को लेकर प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है।

















