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प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेनों में रेल पुलिस की तैनाती और नियमित गश्त व चौकसी के दावों के बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में कुछ युवक ट्रेन की जनरल बोगी में कथित तौर पर गांजे का कश लेते नजर आ रहे हैं।
इस वीडियो को पत्रकार शिवम चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर मंगलवार को पोस्ट किया है। शिवम ने बताया कि यह वीडियो जमालपुर-हावड़ा कवि गुरु एक्सप्रेस का है, जो जमालपुर से हावड़ा की ओर जा रही थी। गत शनिवार का यह वीडियो रामपुर हाट स्टेशन से पहले का है। इसी ट्रेन की जनरल बोगी में करीब आधा दर्जन नशेडी कथित तौर पर खुलेआम गांजे का कश ले रहे थे।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। युवकों की पहचान भी फिलहाल स्पष्ट नहीं है। ऐसे में वीडियो में किए जा रहे दावों की पुष्टि जांच के बाद ही संभव है। वीडियो में कुछ नशेडी कथित रूप से नशीले पदार्थ का सेवन करते, यानी धुआं उड़ाते दिखाई दे रहे हैं। यदि वीडियो की पुष्टि होती है तो यह ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे के नियमों के पालन को लेकर गंभीर मामला माना जाएगा। जनरल बोगी में बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में इस तरह की गतिविधि से अन्य यात्रियों को परेशानी और असुरक्षा का सामना करना पड़ सकता है।
वीडियो सामने आने के बाद सवाल यह उठ रहा है कि ट्रेन में सुरक्षा कर्मियों की निगरानी के बावजूद ऐसी गतिविधि कैसे हुई। रेलवे ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेल पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों की गश्त की व्यवस्था रहती है। यदि घटना उसी ट्रेन की है, तो यह जांच का विषय होगा कि घटना के समय संबंधित बोगी में सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी और निगरानी किस स्तर की थी।

हालांकि, केवल वीडियो के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि घटना के समय ट्रेन में कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं था। वीडियो की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
वायरल वीडियो की जांच के बाद उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान महत्वपूर्ण होगी। यदि वीडियो वास्तविक पाया जाता है और आरोपित नशेडियों की पहचान होती है, तो रेलवे पुलिस द्वारा लागू कानून और रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
मालदा-भागलपुर रेलखंड से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े किसी भी मामले को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। फिलहाल वायरल वीडियो ने रेल पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े किए हैं। वीडियो की आधिकारिक जांच और रेल पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

















