


प्रदीप विद्रोही
नवगछिया। परिधि युवा संगठन की युवा संपर्क यात्रा के तहत करीब 25 युवाओं का दल नवगछिया पहुंचा। यात्रा के दौरान भागलपुर में मनोज कुमार, कहलगांव में सुनील सहनी तथा नवगछिया में रोहित कुमार और नरेश सिंह के नेतृत्व में युवा यात्री दल का स्वागत किया गया। यात्रा में करीब 12 युवतियों ने भी भागीदारी की।
परिधि के निदेशक उदय ने मिल्की, नवादा और मक्खातकिया के युवाओं एवं समुदाय के लोगों से संवाद करते हुए यात्रा के उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य अपने आंदोलन, उसके मुद्दों, रणनीति और उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए संगठन का विस्तार करना है।
परिधि के समन्वयक राहुल ने कहा कि युवाओं की भागीदारी और सक्रियता के बिना कोई बदलाव संभव नहीं है। वहीं, मछुआ समाज से जुड़े युवाओं ने कहा कि मछुआ समाज के जेन-जी (Gen Z) के प्रमुख मुद्दों में आजीविका और रोजगार के साथ नदी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि मछुआ समुदाय के पास मत्स्यिकी का पारंपरिक ज्ञान है। ऐसे में मत्स्यिकी विज्ञान की पढ़ाई में मछुआ समाज के लड़के-लड़कियों को आरक्षण क्यों नहीं दिया जाता, इस पर भी विचार होना चाहिए।
युवाओं ने कहा कि भारत मत्स्य उत्पादन में कभी पहले तो कभी दूसरे स्थान पर रहता है, जबकि बिहार मत्स्य पालन करने वाले राज्यों में चौथे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पारंपरिक मछुआ समुदाय को भी प्रोत्साहित करना जरूरी है।
कहलगांव से युवा योगेंद्र सहनी के संयोजकत्व में युवाओं का दल यात्रा में शामिल हुआ। योगेंद्र सहनी ने कहा, ‘हमें मछुआ होने पर गर्व है। हम लोग सदियों से समाज को प्रोटीन की आपूर्ति करते रहे हैं। हमसे नदियां छीन गई हैं, इसलिए मत्स्य पालन की सभी योजनाओं में पारंपरिक मछुआरों का पहला अधिकार होना चाहिए।’
परिधि ने कहलगांव और नवगछिया के करीब 40 युवा-युवतियों का समूह भी तैयार किया है। यात्रा के दौरान युवाओं ने तय किया कि 27 सितंबर को विश्व नदी दिवस के अवसर पर कहलगांव के कागजी टोला में जुटेंगे। इस दौरान विक्रमशिला बौद्ध विहार का भ्रमण भी किया जाएगा।
यात्रा में आयुक्ता कुमारी, रानी कुमारी, सचिन कुमार, श्याम कुमार, सुमित कुमार, नितेश कुमार, रेशमा कुमारी, रश्मि कुमारी, अंजली कुमारी, साक्षी कुमारी और स्वीटी कुमारी सहित अन्य युवाओं ने महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई।
















