


दिनकर के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्रीय चेतना पर हुई चर्चा, विद्यार्थियों ने किया रचनाओं का पाठ
नवगछिया । राजकीय डिग्री महाविद्यालय खरीक में बुधवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती के अवसर पर शिक्षणोपयोगी संवाद शृंखला-3 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने दिनकर के व्यक्तित्व, कृतित्व तथा उनके साहित्य में राष्ट्रीय चेतना के योगदान पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान विद्यार्थियों ने उनकी विभिन्न रचनाओं का पाठ भी किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जलेश्वर सिंह ने की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक और जातिगत असमानता का विरोध किया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से लोगों में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना जगाने का कार्य किया। उनका साहित्य आज भी समाज और युवाओं को प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के संयोजक एवं हिंदी के प्राध्यापक डॉ. चैतन्य ने दिनकर की प्रसिद्ध कृति ‘रश्मिरथी’ के अंश का पाठ किया। उन्होंने दिनकर के साहित्य में सामाजिक सरोकार, राष्ट्रीय भावना और मानवीय मूल्यों को रेखांकित किया।

इस अवसर पर इतिहास के प्राध्यापक डॉ. राजीव, हिंदी की प्राध्यापक डॉ. रुचि, डॉ. ब्रजेश तथा प्राध्यापक प्रिंस कुमार ने भी दिनकर के साहित्य और उनके कृतित्व पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों अभिनाश कुमार और दिलखुश कुमार ने दिनकर की रचनाओं का पाठ कर कार्यक्रम को साहित्यिक स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम में डॉ. अमृता, डॉ. सोनम, डॉ. सैफ, डॉ. अरुण, कृष्ण कुमार सहित छात्र-छात्राएं रिया कुमारी, नीतीश कुमार, मनीष कुमार, आशा कुमारी, बुलबुल कुमारी, चंदन कुमार सहित अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे।















