


पूर्णिया धर्म प्रांत के 25 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा, खेलकूद, सड़क सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण पर दिए महत्वपूर्ण संदेश
पूर्णिया। कैथोलिक स्कूल एसोसिएशन, पूर्णिया धर्म प्रांत के तत्वावधान में आयोजित उमंग महोत्सव का उद्घाटन समारोह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। कार्यक्रम में पूर्णिया प्रमंडल के विभिन्न 25 विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। महोत्सव के दौरान खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों को सुरक्षा, अनुशासन, महिला सशक्तिकरण, सड़क सुरक्षा तथा नशे से दूर रहने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्णिया के वरीय आरक्षी अधीक्षक शौर्य सुमन, भारतीय पुलिस सेवा ने दीप प्रज्ज्वलित कर उमंग महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विद्यालयों से आए प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए खेलकूद के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि के साथ आरक्षी उपाधीक्षक, परिवहन रंजन कुमार सिंह, आरक्षी उपाधीक्षक, विधि-व्यवस्था शिवानी श्रेष्ठ तथा आरक्षी उपाधीक्षक आलोक कुमार भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
आरक्षी उपाधीक्षक, विधि-व्यवस्था शिवानी श्रेष्ठ ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण, महिलाओं के प्रति होने वाले उत्पीड़न तथा बाल सहायता सेवा 1098 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन और शिष्टाचार के महत्व के बारे में बताया तथा अपने अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
आरक्षी उपाधीक्षक, परिवहन रंजन कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी। उन्होंने सड़क पर आवागमन के दौरान यातायात नियमों का पालन करने, सावधानी बरतने और सुरक्षित तरीके से सड़क का उपयोग करने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया।

वहीं आरक्षी उपाधीक्षक आलोक कुमार ने युवाओं में बढ़ रही सूखे नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को नशे से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नशे की आदत युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। विद्यार्थियों से उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और बुरी आदतों से बचने का आह्वान किया।
डॉन बॉस्को विद्यालय के प्राचार्य फादर एलेक्जेंडर टोपनो ने छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास में खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसी प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। इससे पूर्व उन्होंने सभी अतिथियों, फादरगण तथा विभिन्न विद्यालयों से आए सिस्टरगण का स्वागत किया।
आयोजन समिति के सचिव सह सेंट पीटर्स स्कूल इंग्लिश मीडियम के फादर मनोज खलखो ने उमंग महोत्सव को खेलों का महाकुंभ बताया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सह-शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनके माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा सहयोग की भावना विकसित होती है।
प्रतियोगिता के लेखा-जोखा एवं संयोजन का दायित्व समीर खवास और श्रवण कुमार राय ने निभाया। प्रशाखा पदाधिकारी कामेश्वर मिंज, लेखापाल शबनम संगा, लिपिक धीरज सिंह तथा कार्यालय सहायक प्रसादी उरांव अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन में तत्पर रहे।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह को आकर्षक बना दिया। रंगारंग प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का मन मोह लिया।
समारोह में फादर क्लेमेंट लकड़ा, फादर जॉर्ज, सिस्टर अनिता, सिस्टर वंदिता, सिस्टर मरियम, सिस्टर टेरेसा, सिस्टर अखिला मेरी, फादर फूल जेम्स, फादर डेनिश मुर्मू, फादर रवि, फादर दर्पण मंडल, फादर प्रिंस लकड़ा, फादर सहराज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति के अध्यक्ष फादर ने धन्यवाद ज्ञापन किया। डॉन बॉस्को मरियम नगर के प्राचार्य फादर अमल आनंद राज ने छात्र-छात्राओं को प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन और उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
समारोह का समापन राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के साथ हुआ। इस दौरान आगामी उमंग महोत्सव में फिर से मिलने की शुभकामना के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
















