
@ 84 वर्षीय बीमार बुजुर्ग को भी मोटरबोट से कराया गया गंगा पार।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। विक्रमशिला सेतु बंद होने से भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बड़े जहाजों में भीड़ कष्टकर साबित हो रहा है। खासकर बीमार लोगों के लिए यह यात्रा दुखद साबित हो रहा है। शुक्रवार को एसडीआरएफ की नाव पर एक प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। वहीं, प्रशासन की पहल पर 84 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग को मोटरबोट से गंगा पार कराया गया।
नाव पर सुरक्षित प्रसव:
इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के जयमंगल टोला निवासी संगीता देवी जाह्नवी चौक घाट से बियाडा घाट पहुंची थीं। इसी दौरान उन्हें तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। एसडीआरएफ की नाव पर मौजूद तीन महिलाओं ने खुद को एएनएम बताते हुए प्रसव में मदद की और नवजात की प्राथमिक जांच की। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

बीमार बुजुर्ग को पहुंचाया गया:

दूसरी घटना नवगछिया के खैरपुर कदवा की है, जहां 84 वर्षीय रामदास यादव की तबीयत गंभीर हो गई। सेतु बंद होने के कारण अस्पताल पहुंचने में परेशानी हो रही थी। प्रशासन ने एसडीआरएफ की मोटरबोट से उन्हें गंगा पार कराया, ताकि समय पर इलाज मिल सके।
वैकल्पिक व्यवस्था की मांग:
इन घटनाओं ने गंगा पार के इलाकों में आपातकालीन चिकित्सा और परिवहन व्यवस्था की जरूरत को फिर उजागर किया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पर्याप्त नावों, चिकित्सा सहायता और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।















