
@ सोमवार से पुल से आवागमन शुरू। तय हुआ कि एक बार में एक ही छोटी गाड़ी पुल पार करेगी। तीन से चार व्यक्तियों के बैठने वाली छोटी गाड़ियों को ही अनुमति मिलेगी। मालवाहक वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। स्कूली बच्चों, सात फीट से कम ऊंचाई वाले छोटे वाहनों, एंबुलेंस एवं आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देने की मांग पर भी सहमति बनी।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिले के कहलगांव से सटे NH80 स्थित कुआ पुल की बदहाल स्थिति और आवागमन की समस्या को लेकर पिछले छह दिनों से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गया। अनुमंडल कार्यालय में शनिवार को हुई त्रिपक्षीय वार्ता के बाद आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच सहमति बनी। इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी राजेश रंजन ने जिप सदस्य जनार्दन आजाद को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। आगामी सोमवार से सशर्त आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।
दो महीने में मरम्मत, तब तक शर्तों के साथ मिलेगी आवाजाही

शनिवार को अनुमंडल पदाधिकारी के कक्ष में हुई निर्णायक वार्ता में एनएच-80 के कार्यपालक अभियंता कमलेश कुमार चौधरी, सहायक अभियंता अंकित कुमार, टीटीसी इंफ्रा के प्रोजेक्ट मैनेजर अजय कुमार और एलेथिया इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के तकनीकी प्रतिनिधि रोहित कुमार शामिल हुए।वार्ता में तकनीकी टीम ने स्पष्ट किया कि पुल के गार्डर उठाने के दौरान उस पर पूरी तरह आवागमन बंद रहेगा। हालांकि, छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए मरम्मत एवं स्ट्रक्चर तैयार होने तक सीमित शर्तों के साथ छोटी गाड़ियों को गुजरने की अनुमति देने पर सहमति बनी। तय हुआ कि एक बार में एक ही छोटी गाड़ी पुल पार करेगी। तीन से चार व्यक्तियों के बैठने वाली छोटी गाड़ियों को ही अनुमति मिलेगी। मालवाहक वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। स्कूली बच्चों, सात फीट से कम ऊंचाई वाले छोटे वाहनों, एंबुलेंस एवं आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देने की मांग पर भी सहमति बनी।
ड्रॉप गेट, पुलिस और मजिस्ट्रेट की रहेगी निगरानी
पुल पर आवागमन को नियंत्रित करने के लिए दोनों तरफ बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट लगाए जाएंगे। एक वाहन के पुल पर प्रवेश करने के बाद दूसरे वाहन को तब तक रोका जाएगा, जब तक पहला वाहन सुरक्षित रूप से पार नहीं कर जाता। दोनों तरफ पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती होगी। साथ ही तकनीकी इंजीनियर लगातार पुल की स्थिति पर नजर रखेंगे। प्रत्येक तीन से चार घंटे पर तकनीकी जांच की जाएगी। यदि पुल पर आवागमन से खतरा बढ़ता दिखाई दिया तो तत्काल वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। तकनीकी प्रतिनिधियों ने बताया कि कुआ पुल की मरम्मत में करीब दो महीने का समय लग सकता है। मरम्मत के बाद क्यूरिंग और भार वहन क्षमता का आकलन किया जाएगा। तकनीकी रूप से सुरक्षित पाए जाने के बाद ही छोटी गाड़ियों के नियमित परिचालन की अनुमति दी जाएगी।
वार्ता में यह भी बताया गया कि छठ पूजा के बाद गार्डर उठाने के दौरान पुल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस बीच नदी के पानी का जलस्तर घटने पर रेलवे और एनएच के बीच से वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की संभावना पर भी विचार किया जाएगा, ताकि एक तरफ से वाहनों का परिचालन कराया जा सके।
अनशन समाप्त कराने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी राजेश रंजन ने आम लोगों से अपील की कि केवल आपातकालीन स्थिति में ही छोटी गाड़ियों का इस्तेमाल कर पुल पार करें। अफवाहों पर ध्यान न दें। वहीं, आंदोलनकारियों की ओर से भी प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया गया। वार्ता के दौरान पूर्व विधायक रामविलास पासवान, प्रवीण राणा, मुखिया संघ के अध्यक्ष सुभाष यादव, सर्वदलीय समिति के अध्यक्ष पवन भारती, मनोहर कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
















