
पूर्णिया। जनता दल (यूनाइटेड) के शीर्ष नेतृत्व ने किशन भारद्वाज को छात्र जदयू, पूर्णिया विश्वविद्यालय का अध्यक्ष मनोनीत किया है। उनके मनोनयन के बाद छात्र जदयू के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। संगठन के पदाधिकारियों और समर्थकों ने इसे उनके संगठनात्मक कार्यों और सक्रियता का परिणाम बताया है।
किशन भारद्वाज इससे पहले छात्र जदयू, पूर्णिया जिला में जिला उपाध्यक्ष और जिला प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। संगठन के प्रति उनकी सक्रियता, समर्पण और छात्र-छात्राओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की भूमिका को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अपने मनोनयन पर किशन भारद्वाज ने बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, प्रदेश महासचिव आशीष कुमार बब्बू, छात्र जदयू के प्रदेश अध्यक्ष धीरज कुमार, छात्र जदयू प्रभारी रुहैल रंजन, पूर्णिया जिला अध्यक्ष प्रकाश कुमार सिंह, नगर अध्यक्ष अविनाश कुमार और अपने मार्गदर्शक आयुष आनंद के प्रति भी कृतज्ञता जताई।
नवनियुक्त अध्यक्ष ने कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज जिले के महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के हितों की रक्षा उनकी पहली प्राथमिकता होगी। विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ उनके समाधान के लिए विश्वविद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर प्रभावी पहल की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार, नियमित कक्षाओं का संचालन, लंबे समय से बंद पड़े पाठ्यक्रमों को दोबारा शुरू कराने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवाज उठाई जाएगी। शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक अधिकारों के लिए परेशान न होना पड़े।

किशन भारद्वाज ने कहा कि छात्र जदयू को केवल एक संगठन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले चारों जिलों के महाविद्यालयों में संगठन का विस्तार किया जाएगा तथा अधिक से अधिक युवाओं को छात्र राजनीति से जोड़कर उन्हें नेतृत्व का अवसर देने का प्रयास होगा।
उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। इस दायित्व का निर्वहन वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे। छात्र-छात्राओं के अधिकारों, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के लिए लगातार प्रयासरत रहेंगे।















