
कारी कोसी पर बने कथित अवैध पुल की उच्चस्तरीय जांच, निर्माण स्थलों पर शिलापट्ट लगाने और सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग
प्रभारी मंत्री रत्नेश सदा ने दिया भरोसा, नियमों के विरुद्ध काम करने वाले अधिकारियों पर होगी नियमानुसार कार्रवाई
पूर्णिया। जिले में संचालित सरकारी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी राशि के समुचित उपयोग का मुद्दा जिला 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में प्रमुखता से उठा। सोमवार, 2 नवंबर को आयोजित बैठक में पूर्णिया विधायक विजय खेमका ने जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मान योजना का लाभ नहीं मिलने से लेकर कारी कोसी नदी पर निर्मित कथित अवैध पुल, विकास योजनाओं में शिलापट्ट नहीं लगाए जाने और विभागीय स्तर पर कराए जा रहे निर्माण कार्यों में नियमों के पालन जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रभारी मंत्री के समक्ष रखा।

बैठक में बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री सह पूर्णिया जिला के प्रभारी मंत्री रत्नेश सदा उपस्थित थे। विधायक विजय खेमका ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके बाद जिले के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा के दौरान विधायक ने लंबित मामलों के निष्पादन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जेपी आंदोलन के सेनानियों की लंबित सूची शीघ्र भेजने की मांग
बैठक में विधायक विजय खेमका ने पूर्णिया जिले के उन जेपी सेनानियों का मामला उठाया, जिनके नामों की सूची अब तक संबंधित विभाग को नहीं भेजी गई है। उन्होंने कहा कि पटना से प्राप्त सूची की संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा जांच तथा अनुमंडल पदाधिकारियों से सत्यापन कराने के बाद जिला पदाधिकारी के माध्यम से गृह विभाग की विशेष शाखा को भेजा जाना था।
विधायक के अनुसार, प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण जिले के कई जेपी सेनानियों के नाम अब तक आगे नहीं भेजे जा सके हैं। परिणामस्वरूप पात्र सेनानी जेपी सम्मान योजना के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए लंबित सूची का शीघ्र सत्यापन कराकर संबंधित विभाग को भेजने तथा सभी पात्र सेनानियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जेपी आंदोलन में भाग लेने वाले सेनानियों का सम्मान करना आवश्यक है। प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी के कारण उन्हें मिलने वाले सम्मान और सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
कारी कोसी पर निर्मित कथित अवैध पुल का मामला फिर उठा

विधायक ने नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 4 में कारी कोसी नदी पर निर्मित कथित अवैध पक्के पुल का मामला भी बैठक में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस पुल के निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने की मांग पहले भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
विधायक ने बैठक में कहा कि इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर न्यायालय की कार्यवाही का हवाला दिया गया था। हालांकि, उनके अनुसार न्यायालय के आदेशों के अध्ययन से ऐसा कोई निर्देश सामने नहीं आता, जिसके आधार पर प्रशासनिक कार्रवाई रोकी जाए।
उन्होंने पुल के निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराने, नियमों के विरुद्ध निर्माण कराने वालों को चिह्नित करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कथित अवैध पुल को शीघ्र ध्वस्त कराने का भी आग्रह किया।
बिना शिलापट्ट के विकास कार्यों पर उठाए सवाल
विधायक विजय खेमका ने जिले में विभिन्न विभागों की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई निर्माण स्थलों पर योजनाओं से संबंधित शिलापट्ट नहीं लगाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, कई स्थानों पर योजना की स्वीकृत राशि, निर्माण कार्य की प्रकृति और अन्य आवश्यक जानकारियां भी सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले संबंधित स्थल पर शिलापट्ट लगाया जाना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को यह जानकारी मिल सके कि किस योजना के तहत कार्य कराया जा रहा है, उसकी स्वीकृत राशि कितनी है और निर्माण कार्य की जिम्मेदारी किस विभाग की है।
विधायक ने जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि योजनाओं की नियमित निगरानी और गुणवत्ता की जांच जरूरी है। इससे सरकारी राशि के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और आम जनता को विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
विभागीय कार्यों के बजाय नियमानुसार निविदा प्रक्रिया अपनाने पर जोर
बैठक में विधायक ने नगर निगम पूर्णिया सहित विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर विभागीय स्तर पर कराए जा रहे निर्माण कार्यों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार केवल अति आवश्यक और निर्धारित परिस्थितियों में ही विभागीय स्तर पर कार्य कराया जाना चाहिए। सामान्य निर्माण कार्यों को नियमानुसार निविदा प्रक्रिया के माध्यम से पूरा कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन होना आवश्यक है। विभागीय कार्यों के नाम पर नियमों की अनदेखी और संभावित अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रशासन को स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
विधायक ने प्रभारी मंत्री और जिला प्रशासन से आग्रह किया कि पूर्णिया जिले में संचालित सभी विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। योजनाओं का क्रियान्वयन सरकार के दिशा-निर्देशों, विभागीय नियमों और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराया जाए, ताकि सरकारी राशि का सही उपयोग हो और विकास कार्यों का लाभ आम लोगों तक पहुंचे।
प्रभारी मंत्री ने दिया नियमों के अनुरूप कार्य कराने का आश्वासन
बैठक में उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर प्रभारी मंत्री रत्नेश सदा ने विधायक विजय खेमका को आश्वस्त किया कि जिले में संचालित सभी विकास कार्य सरकार के दिशा-निर्देशों और संबंधित विभागों के निर्धारित नियमों के अनुरूप ही कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर नियमों के विरुद्ध कार्य किए जाने की बात सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की इस बैठक में जेपी सेनानियों के सम्मान, सार्वजनिक निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, कथित अवैध निर्माण पर कार्रवाई और सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। बैठक में उठाए गए सवालों के बाद अब संबंधित मामलों में प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर लोगों की नजर रहेगी।















