
नवगछिया। राजकीय डिग्री महाविद्यालय खरीक में संवाद श्रृंखला-7 के अंतर्गत लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान की जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. राजीव ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपने अथक प्रयासों से भारत को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। राष्ट्र के प्रति उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने तत्कालीन हैदराबाद रियासत का ऑपरेशन पोलो के तहत भारत में विलय कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संवाद श्रृंखला के संयोजक डॉ. चैतन्य ने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास हो रहा है। आने वाले समय में महाविद्यालय के विद्यार्थी देश की विभिन्न साहित्यिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय विभूतियों के योगदान से परिचित होंगे। इससे उनमें सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना का विकास होगा।
डॉ. ब्रजेश ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल अखंड भारत के शिल्पकार थे। उनकी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण ने भारत की एकता एवं अखंडता को नई पहचान दी। उनका जीवन राष्ट्रहित, एकता और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।
अंग्रेजी की प्राध्यापक सोनम प्रिया ने कहा कि सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने देशी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में योगदान दिया।
डॉ. रुचि ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल का नेतृत्व ऐतिहासिक रहा। बारडोली आंदोलन की सफलता के बाद उन्हें सरदार की उपाधि मिली। उन्होंने महात्मा गांधी के साथ मिलकर अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। उनका जीवन अन्याय के सामने कभी नहीं झुकने की प्रेरणा देता है।
अमृता कुमारी ने कहा कि वर्तमान में भारत के जिस अखंड स्वरूप को हम देखते हैं, उसके निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

डॉ. अरुण ने कहा कि सरदार पटेल के दृढ़ नेतृत्व ने भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाने में सहायता की। उनके महान योगदान के कारण ही उन्हें लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति उनका समर्पण सदैव याद किया जाएगा।
डॉ. सैफ ने कहा कि वल्लभभाई पटेल महान स्वतंत्रता सेनानी, कुशल प्रशासक और दूरदर्शी नेता थे। उनका व्यक्तित्व साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण था। उनका संपूर्ण जीवन देश के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। इनमें मुस्कान कुमारी, अभिनाश कुमार, नेहा कुमारी, कोमल कुमारी, रिया कुमारी, रवि कुमार, रितिका कुमारी, मौसम कुमारी, मनीष कुमार और गौरव कुमार सहित अन्य छात्र-छात्राएं शामिल थे।















