
@ कहलगांव में क्षतिग्रस्त पुल के कारण आवागमन ठप, मरम्मत में अभी दो महीने और लगने की आशंका; एनटीपीसी, पथ निर्माण विभाग और एनएचएआई से संयुक्त रूप से डायवर्सन बनाने की मांग।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। कहलगांव में कुआं नदी पर स्थित क्षतिग्रस्त पुल लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। पिछले तीन महीने से पुल पर आवागमन बंद है। दीपावली, छठ महापर्व और कार्तिक पूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए अब वैकल्पिक मार्ग (डायवर्सन) बनाने की मांग तेज हो गई है। कहलगांव के विधायक एवं बिहार विधानसभा के सदस्य शुभानंद मुकेश ने इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर कुआ नाला पुल के समीप अविलंब डायवर्सन निर्माण कराने का आग्रह किया है।

26 अक्टूबर 2026 को लिखे पत्र में विधायक ने बताया है कि पुल की मरम्मत का काम कर रही एजेंसी के कार्य की स्थिति और अपने निरीक्षण के आधार पर उन्हें आशंका है कि पुल पर आवागमन सुचारु होने में अभी लगभग दो महीने और लग सकते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं और आम लोगों को लंबे समय तक आवागमन की परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
विधायक ने पत्र में कहा है कि दीपावली, छठ और कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कहलगांव अनुमंडल के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा झारखंड के गोड्डा से भी लाखों श्रद्धालु कहलगांव पहुंचते हैं। पुल बंद रहने के कारण उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आवागमन बड़ी चुनौती बन जाएगा।
विधायक शुभानंद मुकेश ने सुझाव दिया है कि एनटीपीसी कहलगांव, पथ निर्माण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) संयुक्त रूप से पहल करें तो डायवर्सन का निर्माण शीघ्र पूरा कराया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
इधर, कुआ पुल के समीप वैकल्पिक मार्ग निर्माण को लेकर अनुमंडल प्रशासन भी सक्रिय हुआ है। अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव ने 5 नवंबर 2026 को एनटीपीसी कहलगांव के मुख्य महाप्रबंधक को पत्र लिखकर डायवर्सन निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र में राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-80 के किलोमीटर 157.958 (कुआं नदी, कहलगांव) पर स्थित पुल की मरम्मत के कारण आवागमन प्रतिबंधित होने का उल्लेख किया गया है। पत्र में कहा गया है कि जनहित में इस मार्ग पर वैकल्पिक रास्ते की आवश्यकता है, ताकि आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
















