
मिठाइयां, सूखे मेवे और खाद्य सामग्री देकर बच्चों के साथ मनाया अपनत्व का पर्व; खेल, गीत और कविता के माध्यम से साझा की खुशियां
पूर्णिया । दीपावली के पावन पर्व से पूर्व जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया के विद्यार्थियों ने सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय सरोकारों की सुंदर मिसाल पेश की। विद्यालय के विद्यार्थियों ने पूर्णिया स्थित अनाथालय एवं गुरुकुलम का भ्रमण कर वहां रहने वाले बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। विद्यालय की प्राचार्या पुलोमा नंदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा 1, 2 और 9 के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य उन बच्चों के साथ त्योहार की खुशियां बांटना था, जो अपने परिवार से दूर इन संस्थानों में रहकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने उन्हें अपनत्व, स्नेह और सहयोग का एहसास कराने का प्रयास किया।
मिठाइयां और खाद्य सामग्री देकर बांटी खुशियां
इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने आपसी सहयोग और स्वैच्छिक योगदान से मिठाइयां, सूखे मेवे, बिस्कुट, नमकीन, चिप्स सहित विभिन्न खाद्य सामग्री एकत्रित की। इसके बाद इन सामग्रियों को अनाथालय एवं गुरुकुलम में रहने वाले बच्चों के बीच वितरित किया गया। विद्यार्थियों ने बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें दीपावली के उत्सव में सहभागी बनाया।
खेल, गीत और कविता से बना आत्मीयता का माहौल
कार्यक्रम के दौरान जी.डी. गोयनका के विद्यार्थियों और दोनों संस्थानों में रहने वाले बच्चों के बीच आत्मीय मेलजोल देखने को मिला। बच्चों ने एक साथ विभिन्न खेल खेले, गीत गाए और कविता-पाठ किया। विद्यार्थियों ने अपने विचार, अनुभव और सपने भी एक-दूसरे के साथ साझा किए। आपसी बातचीत और सांस्कृतिक गतिविधियों से बच्चों के बीच मित्रता और अपनत्व का भाव विकसित हुआ।
बच्चों से सीखी आत्मनिर्भरता और अनुशासन की सीख

इस मुलाकात का एक महत्वपूर्ण पहलू सीखने-सिखाने का अनुभव भी रहा। जी.डी. गोयनका के विद्यार्थियों ने वहां रहने वाले बच्चों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, जीवनशैली और अनुभवों को समझा। इस दौरान उन्होंने आत्मनिर्भर बनने, अपने दैनिक कार्य स्वयं करने, अनुशासन बनाए रखने और कठिन परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सीख ली।
इस अनुभव ने विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों से परिचित कराया और आत्मनिर्भरता, धैर्य तथा सकारात्मक सोच के महत्व को समझने का अवसर दिया।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में विद्यालय के वरिष्ठ शैक्षणिक समन्वयक त्रिबेनी पांडेय, पूर्व-प्राथमिक समन्वयक इंद्राणी मुखर्जी, बिक्रम, श्रद्धा मैती एवं तन्मय आनंद उपस्थित रहे। विद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल शांडिल्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की प्राचार्या पुलोमा नंदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान और शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों में मानवीय संवेदना, करुणा, सहयोग, आत्मनिर्भरता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल की इस पहल ने त्योहारों की खुशियां जरूरतमंद और परिवार से दूर रह रहे बच्चों के साथ साझा करने का प्रेरक संदेश दिया। दीपावली का वास्तविक आनंद तभी सार्थक होता है, जब हमारे प्रयासों से किसी दूसरे के जीवन में भी मुस्कान और खुशियों के दीप जल सकें।















