


भागलपुर में आपदा प्रबंधन से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया गया है। अब प्राकृतिक एवं गैर-प्राकृतिक आपदाओं में मृतकों के आश्रितों को मिलने वाले अनुग्रह अनुदान की स्वीकृति अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन) द्वारा दी जाएगी। इस संबंध में विभागीय आदेश जारी कर दिया गया है।
जारी निर्देश के अनुसार, पूर्व में इस कार्य की जिम्मेदारी अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) को सौंपी गई थी, लेकिन उनके पास विकास, विधि-व्यवस्था और न्यायिक कार्यों का अत्यधिक दबाव होने के कारण अनुग्रह अनुदान से जुड़े मामलों के निष्पादन में विलंब हो रहा था। इससे पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता राशि नहीं मिल पा रही थी।
आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार, पटना के दिशा-निर्देशों और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त शक्तियों के आलोक में अब यह जिम्मेदारी अनुमंडल पदाधिकारियों से हटाकर अपर समाहर्त्ता, आपदा प्रबंधन, भागलपुर को सौंप दी गई है। साथ ही सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अब मृतक अनुग्रह अनुदान से संबंधित मूल अभिलेख अनुमंडल पदाधिकारी को भेजने के बजाय सीधे अपर समाहर्त्ता, आपदा प्रबंधन को उपलब्ध कराएं।
यह नया प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से अनुग्रह अनुदान के मामलों का तेजी से निष्पादन होगा और आपदा पीड़ित परिवारों को समय पर राहत मिल सकेगी।















