


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। रंगमंच और महुआ घटवारिन फिल्म के निदेशक तथा चर्चित अंगिका कथाकार शीतांशु अरुण की अंगिका लघुकथाओं के संग्रह ‘बोधा के मालिक सीताराम’ का खलीफाबाग, भागलपुर में साहित्यकारों की उपस्थिति में लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर कथालोचक एवं कथाकार रंजन, अंगिका विश्वविद्यालय विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मधुसूदन झा, मगही-अंगिका के लोकप्रिय गीतकार राजकुमार, अंगिका के बहुचर्चित रेडियो नाटककार सत्यनारायण मंडल तथा डॉ. अमरेन्द्र ने संयुक्त रूप से पुस्तक का लोकार्पण किया।
लोकार्पण के बाद शीतांशु अरुण ने संग्रह में शामिल कई लघुकथाओं का पाठ किया। उनके कथा-पाठ ने उपस्थित साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अंगिका लघुकथा के विकास और उसे स्थापित करने में शीतांशु अरुण का महत्वपूर्ण योगदान है। साहित्यकारों ने उनकी कथाओं में परिवार, सामाजिक जीवन और अंगिका भाषा की जीवंत उपस्थिति को रेखांकित किया।

वक्ताओं के अनुसार, शीतांशु अरुण की रचनाओं की विशेषता केवल उनकी भाषा में ही नहीं, बल्कि उनकी कथा-कहने की शैली में भी दिखाई देती है। उनकी लघुकथाएं अंगिका समाज और जीवन के विविध पक्षों को सहजता और प्रभावशाली ढंग से सामने लाती हैं। यही विशेषताएं उन्हें अंगिका कथा-साहित्य में एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।

















